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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में आपातकाल वार्ड में लगाया फोन खराब
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दो माह से नहीं चल रहा है वार्ड में लगाया फोन
मरीजों के बारे में जानकारी लेने में हो रही दिक्कत
कई बार तीमारदार भी कर लेते हैं लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल
चिकित्सकों को भी मरीज की जानकारी लेने के लिए हो रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के आपातकाल में लगाया लैंडलाइन फोन खराब पड़ा हुआ है। इससे जो लोग अस्पताल के आपातकाल वार्ड में फोन करते हैं उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल के आपातकाल में जो मरीज दाखिल होते हैं, उनके तीमारदार भी कई बार इस नंबर पर फोन करते हैं लेकिन यह लैंडलाइन नंबर लगता ही नहीं है। इससे वे अपने परिजनों का हाल नहीं पूछ पाते। कई बार विभिन्न विभागों के चिकित्सक भी आपातकाल वार्ड के लैंडलाइन नंबर से मरीज के बारे में जानकारी जुटाते हैं लेकिन उन्हें भी आपातकाल में स्वयं जाकर या किसी कर्मचारी को भेजकर संबंधित जानकारी लेनी पड़ती है। करीब दो माह से यह लैंडलाइन फोन खराब है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से कभी तार टूटने तो कभी नेटवर्क समस्या आदि का हवाला दिया जाता है। तीमारदारों सुरेश कुमार, अर्जुन राणा, विनय गौतम, संतोष कुमारी, कैलाश नाथ आदि ने कहा कि कई बार इस नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की जाती है लेकिन यह नंबर लगता ही नहीं है।
कोट
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि लैंडलाइन फोन ठीक है। कई बार तकनीकी समस्या हो जाती है।
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मरीजों के बारे में जानकारी लेने में हो रही दिक्कत
कई बार तीमारदार भी कर लेते हैं लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल
चिकित्सकों को भी मरीज की जानकारी लेने के लिए हो रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के आपातकाल में लगाया लैंडलाइन फोन खराब पड़ा हुआ है। इससे जो लोग अस्पताल के आपातकाल वार्ड में फोन करते हैं उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल के आपातकाल में जो मरीज दाखिल होते हैं, उनके तीमारदार भी कई बार इस नंबर पर फोन करते हैं लेकिन यह लैंडलाइन नंबर लगता ही नहीं है। इससे वे अपने परिजनों का हाल नहीं पूछ पाते। कई बार विभिन्न विभागों के चिकित्सक भी आपातकाल वार्ड के लैंडलाइन नंबर से मरीज के बारे में जानकारी जुटाते हैं लेकिन उन्हें भी आपातकाल में स्वयं जाकर या किसी कर्मचारी को भेजकर संबंधित जानकारी लेनी पड़ती है। करीब दो माह से यह लैंडलाइन फोन खराब है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से कभी तार टूटने तो कभी नेटवर्क समस्या आदि का हवाला दिया जाता है। तीमारदारों सुरेश कुमार, अर्जुन राणा, विनय गौतम, संतोष कुमारी, कैलाश नाथ आदि ने कहा कि कई बार इस नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की जाती है लेकिन यह नंबर लगता ही नहीं है।
कोट
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि लैंडलाइन फोन ठीक है। कई बार तकनीकी समस्या हो जाती है।