{"_id":"68d7d131eaa24d87b4048af2","slug":"the-committee-will-examine-the-goals-of-the-nipun-bharat-mission-in-schools-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-168129-2025-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: स्कूलों में होगी निपुण भारत मिशन के लक्ष्य की जांच करेगी कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: स्कूलों में होगी निपुण भारत मिशन के लक्ष्य की जांच करेगी कमेटी
Sun, 28 Sep 2025 05:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 28 Sep 2025 05:26 AM IST
विज्ञापन
जिला स्तर पर बनाई तीन सदस्यीय कमेटी करेगी स्कूलों का औचक निरीक्षण
आगामी सत्र के लिए स्कूलों में आयोजित की जाएंगी अन्य गतिविधियां
स्कूलों में वर्षभर निपुण भारत के तहत होने वाले कार्यक्रमों की बनेगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में अब निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की जांच होगी। जांच के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन पूरा हो गया है। गठित कमेटी में निपुण भारत मिशन के जिला समन्वयक भवानी सिंह, निपुण पीएमयू (प्रोग्राम, मैनेजमेंट यूनिट) सरोज कुमार और निरीक्षक सदस्य नेक मोहम्मद को चयनित किया गया है। कमेटी रैडम आधार पर प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण करेगी।
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर जांचने के लिए टेस्ट होगा। टेस्ट का आयोजन विशेष निपुण भारत मिशन के तहत संचालित अभियानों के आधार पर किया जाएगा। इसमें स्कूल स्तर पर अभियान के तहत पढ़ाए गए विषयों के अनुसार ही गणित, अंग्रेजी और हिंदी विषयों के प्रश्न पूछे जाएंगे। टेस्ट की रिपोर्ट गुणवत्ता नियत्रंण जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा नवीन शर्मा को प्रेषित की जाएगी। रिपोर्ट के परिणाम के आधार पर ही स्कूलों में आगामी समय में नए अभियान, कार्यक्रम और सहपाठी गतिविधियों का आयोजन होगा। सरकारी स्कूलों में निपुण भारत मिशन व अन्य गतिविधियों के आकलन के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत सर्वे का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य हो सके।
बाक्स:
क्या है निपुण भारत मिशन
भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एक पहल है, जिसका लक्ष्य 2026-27 तक हर बच्चे को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में निपुण बनाना है। यह मिशन बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने, खेल और मातृभाषा-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने, शिक्षकों का कौशल बढ़ाने और छात्रों की प्रगति पर नजर रखने पर केंद्रित है।
विज्ञापन
कोट
प्राथमिक स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर जांच जाएगा। डाइट गौना करौर की तीन सदस्यीय टीम स्कूलों में टेस्ट लेगी, ताकि स्कूल स्तर पर संचालित अभियानों की सही रिपोर्ट जारी हो सके।-भवानी सिंह, मीडिया प्रभारी, डाइट गौना करौर
विज्ञापन
आगामी सत्र के लिए स्कूलों में आयोजित की जाएंगी अन्य गतिविधियां
स्कूलों में वर्षभर निपुण भारत के तहत होने वाले कार्यक्रमों की बनेगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में अब निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की जांच होगी। जांच के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन पूरा हो गया है। गठित कमेटी में निपुण भारत मिशन के जिला समन्वयक भवानी सिंह, निपुण पीएमयू (प्रोग्राम, मैनेजमेंट यूनिट) सरोज कुमार और निरीक्षक सदस्य नेक मोहम्मद को चयनित किया गया है। कमेटी रैडम आधार पर प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण करेगी।
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर जांचने के लिए टेस्ट होगा। टेस्ट का आयोजन विशेष निपुण भारत मिशन के तहत संचालित अभियानों के आधार पर किया जाएगा। इसमें स्कूल स्तर पर अभियान के तहत पढ़ाए गए विषयों के अनुसार ही गणित, अंग्रेजी और हिंदी विषयों के प्रश्न पूछे जाएंगे। टेस्ट की रिपोर्ट गुणवत्ता नियत्रंण जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा नवीन शर्मा को प्रेषित की जाएगी। रिपोर्ट के परिणाम के आधार पर ही स्कूलों में आगामी समय में नए अभियान, कार्यक्रम और सहपाठी गतिविधियों का आयोजन होगा। सरकारी स्कूलों में निपुण भारत मिशन व अन्य गतिविधियों के आकलन के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत सर्वे का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य हो सके।
विज्ञापन
बाक्स:
क्या है निपुण भारत मिशन
भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एक पहल है, जिसका लक्ष्य 2026-27 तक हर बच्चे को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में निपुण बनाना है। यह मिशन बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने, खेल और मातृभाषा-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने, शिक्षकों का कौशल बढ़ाने और छात्रों की प्रगति पर नजर रखने पर केंद्रित है।
विज्ञापन
कोट
प्राथमिक स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर जांच जाएगा। डाइट गौना करौर की तीन सदस्यीय टीम स्कूलों में टेस्ट लेगी, ताकि स्कूल स्तर पर संचालित अभियानों की सही रिपोर्ट जारी हो सके।-भवानी सिंह, मीडिया प्रभारी, डाइट गौना करौर