{"_id":"69fce5a1bbf0ad1d51061268","slug":"the-character-of-devotee-dhruva-is-narrated-in-the-srimad-bhagwat-katha-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-192818-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: श्रीमद्भागवत कथा में भक्तराज ध्रुव का चरित्र सुनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: श्रीमद्भागवत कथा में भक्तराज ध्रुव का चरित्र सुनाया
Fri, 08 May 2026 12:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 08 May 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
मांजरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु एवं अन्य। संवाद
धनेटा(हमीरपुर)। मांजरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यास आचार्य विवेक शास्त्री ने भक्तराज ध्रुव की प्रेरक कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि विमाता द्वारा तिरस्कृत किए जाने पर बालक ध्रुव पांच वर्ष की आयु में भगवान विष्णु को प्राप्त करने के लिए जंगल में तपस्या करने निकल पड़े।
उनकी दृढ़ भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने मात्र छह महीने में उन्हें दर्शन दिए और कृतार्थ किया। शास्त्री जी ने बताया कि भगवान की इच्छा से ध्रुव ने हजारों वर्षों तक राज्य किया और बाद में उन्हें ध्रुव लोक प्राप्त हुआ, जो आज भी आकाश में अटल है और ध्रुव तारे के रूप में विद्यमान है।
सप्त ऋषि भी इस ध्रुव लोक की परिक्रमा करते हैं। भक्तराज ध्रुव को भक्ति और दृढ़ निश्चय का प्रतीक माना जाता है। कथा के दौरान गांव की मातृ शक्ति ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कथा का श्रवण किया।
विज्ञापन
वहीं, शास्त्री जी और उनकी संगीत मंडली ने भजन प्रस्तुत किए, जिनमें “मैं करता रहूं गुणगान मुझे दे ऐसा वरदान” भजन पर भक्त भावविभोर होकर झूम उठे। इस अवसर पर प्रेम चंद, इवान शर्मा, नरेश शर्मा, सुशील शर्मा, अशोक शर्मा, राकेश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
उनकी दृढ़ भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने मात्र छह महीने में उन्हें दर्शन दिए और कृतार्थ किया। शास्त्री जी ने बताया कि भगवान की इच्छा से ध्रुव ने हजारों वर्षों तक राज्य किया और बाद में उन्हें ध्रुव लोक प्राप्त हुआ, जो आज भी आकाश में अटल है और ध्रुव तारे के रूप में विद्यमान है।
विज्ञापन
सप्त ऋषि भी इस ध्रुव लोक की परिक्रमा करते हैं। भक्तराज ध्रुव को भक्ति और दृढ़ निश्चय का प्रतीक माना जाता है। कथा के दौरान गांव की मातृ शक्ति ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कथा का श्रवण किया।
विज्ञापन
वहीं, शास्त्री जी और उनकी संगीत मंडली ने भजन प्रस्तुत किए, जिनमें “मैं करता रहूं गुणगान मुझे दे ऐसा वरदान” भजन पर भक्त भावविभोर होकर झूम उठे। इस अवसर पर प्रेम चंद, इवान शर्मा, नरेश शर्मा, सुशील शर्मा, अशोक शर्मा, राकेश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

मांजरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु एवं अन्य। संवाद