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प्रदेश के टीजीटी को मिले सम्मानजनक वेतन : संघ
Wed, 10 Sep 2025 05:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 10 Sep 2025 05:41 AM IST
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हमीरपुर। राजकीय टीजीटी कला संघ ने प्रदेश के प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) को अन्य राज्यों की तर्ज पर सम्मानजनक वेतन देने की मांग उठाई है। संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि हिमाचल में टीजीटी को लेवल-10 में 38,100–1,20,400 का पे स्केल मिला है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में यह 47,600–1,51,100, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 44,900–1,42,400, तेलंगाना में 42,300–1,15,270 तथा केरल में 41,300–68,700 है। इस तरह हिमाचल के टीजीटी शिक्षकों को शुरुआती वेतन में ही 3,200 से 9,500 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगला वेतन आयोग एक जनवरी 2026 से लागू होना है। ऐसे में वह अन्याय दोबारा न दोहराया जाए, जो 2016 के वेतन आयोग के समय हुआ था।
पंजाब वेतन आयोग की खामियों के चलते प्रदेश के टीजीटी शिक्षकों को हर माह मिलने वाले वेतन में बड़ा घाटा हुआ और 2016 से 2025 तक का एरियर भी पूरा नहीं मिला। यदि यह राशि समय पर मिलती तो नौ वर्षों में बैंक में दोगुनी हो चुकी होती। विजय हीर ने कहा कि यदि सरकार नई भर्तियों को उच्चतर ग्रेड-पे का लाभ नहीं देना चाहती तो कम से कम वर्तमान टीजीटी शिक्षकों को बेहतर पे स्केल प्रदान किया जाए, ताकि उनका सम्मान और मनोबल बना रहे।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में यह 47,600–1,51,100, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 44,900–1,42,400, तेलंगाना में 42,300–1,15,270 तथा केरल में 41,300–68,700 है। इस तरह हिमाचल के टीजीटी शिक्षकों को शुरुआती वेतन में ही 3,200 से 9,500 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगला वेतन आयोग एक जनवरी 2026 से लागू होना है। ऐसे में वह अन्याय दोबारा न दोहराया जाए, जो 2016 के वेतन आयोग के समय हुआ था।
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पंजाब वेतन आयोग की खामियों के चलते प्रदेश के टीजीटी शिक्षकों को हर माह मिलने वाले वेतन में बड़ा घाटा हुआ और 2016 से 2025 तक का एरियर भी पूरा नहीं मिला। यदि यह राशि समय पर मिलती तो नौ वर्षों में बैंक में दोगुनी हो चुकी होती। विजय हीर ने कहा कि यदि सरकार नई भर्तियों को उच्चतर ग्रेड-पे का लाभ नहीं देना चाहती तो कम से कम वर्तमान टीजीटी शिक्षकों को बेहतर पे स्केल प्रदान किया जाए, ताकि उनका सम्मान और मनोबल बना रहे।
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