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अन्य राज्यों की तर्ज पर शिक्षकों को मिले चिकित्सा अवकाश : संघ
Thu, 14 May 2026 01:54 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 14 May 2026 01:54 AM IST
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डिडवीं टिक्कर (हमीरपुर)। राजकीय टीजीटी कला संघ ने हिमाचल प्रदेश के नियमित शिक्षकों को भी अन्य राज्यों की तर्ज पर चिकित्सा अवकाश और परिवर्तित अवकाश की सुविधा प्रदान करने की मांग उठाई है।
संघ के महासचिव विजय हीर ने कहा कि केरल, पंजाब, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में शिक्षकों को यह सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि केरल और पंजाब में अर्ध वेतन अवकाश एवं परिवर्तित अवकाश की सुविधा दी जाती है, जबकि तमिलनाडु में चिकित्सा अवकाश को मान्यता प्राप्त है।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शिक्षकों को प्रतिवर्ष 20 दिन अर्ध वेतन अवकाश का प्रावधान है। विजय हीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जॉब ट्रेनी और अनुबंध कर्मियों को 10 दिन चिकित्सा अवकाश और 5 दिन विशेष आकस्मिक अवकाश की सुविधा मिलती है, लेकिन नियमित शिक्षकों को बीमारी, ऑपरेशन या गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की स्थिति में केवल अर्जित अवकाश का ही उपयोग करना पड़ता है।
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इससे सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले लीव इनकैशमेंट में भी आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने मांग की कि 300 से अधिक अर्जित अवकाश को लीव बैंक में जोड़ा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर शिक्षक इसका उपयोग उपचार के लिए कर सकें।
साथ ही नियमित शिक्षकों के लिए अलग से चिकित्सा अवकाश, अर्ध वेतन अवकाश और परिवर्तित अवकाश का प्रावधान किया जाए, ताकि उन्हें बीमारी की स्थिति में आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
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संघ के महासचिव विजय हीर ने कहा कि केरल, पंजाब, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में शिक्षकों को यह सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि केरल और पंजाब में अर्ध वेतन अवकाश एवं परिवर्तित अवकाश की सुविधा दी जाती है, जबकि तमिलनाडु में चिकित्सा अवकाश को मान्यता प्राप्त है।
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आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शिक्षकों को प्रतिवर्ष 20 दिन अर्ध वेतन अवकाश का प्रावधान है। विजय हीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जॉब ट्रेनी और अनुबंध कर्मियों को 10 दिन चिकित्सा अवकाश और 5 दिन विशेष आकस्मिक अवकाश की सुविधा मिलती है, लेकिन नियमित शिक्षकों को बीमारी, ऑपरेशन या गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की स्थिति में केवल अर्जित अवकाश का ही उपयोग करना पड़ता है।
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इससे सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले लीव इनकैशमेंट में भी आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने मांग की कि 300 से अधिक अर्जित अवकाश को लीव बैंक में जोड़ा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर शिक्षक इसका उपयोग उपचार के लिए कर सकें।
साथ ही नियमित शिक्षकों के लिए अलग से चिकित्सा अवकाश, अर्ध वेतन अवकाश और परिवर्तित अवकाश का प्रावधान किया जाए, ताकि उन्हें बीमारी की स्थिति में आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।