{"_id":"66cc812281391f8de90446b2","slug":"teachers-made-models-using-waste-materials-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-134412-2024-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग कर शिक्षकों ने बनाए मॉडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग कर शिक्षकों ने बनाए मॉडल
Tue, 27 Aug 2024 06:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 27 Aug 2024 06:48 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर में 15 दिवसीय इंडक्शन कार्यशाला के छठे दिन सोमवार को संसाधन व्यक्तियों ने शिक्षकों को विभिन्न पहलुओं के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र में स्रोत व्यक्ति रीना देवी ने शिक्षकों को पर्यावरण के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही पर्यावरण सरंक्षण और इसे स्वच्छ रखने के दिशा-निर्देश दिए।
दूसरे सत्र में स्रोत व्यक्ति अनिता कुमारी ने वन, जीवाश्म ईंधन और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। तीसरे सत्र में कूड़ेदान या पर्यावरण अनुकूल अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग करके मॉडल बनाया। प्रतिभागियों ने मॉडल बनाने के लिए अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग किया। चौथे सत्र में स्रोत व्यक्ति संदीप कौशल और जिला समन्वयक पुनीत कुमार ने पीएमआईएस के बारे में चर्चा की।
इसके साथ ही शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा के विभिन्न मोबाइल एप्लिकेशन, ऑनलाइन पोर्टल, स्मार्ट क्लासरूम और गैजेट्स का व्यावहारिक अभ्यास करवाया। इसमें उन्होंने शिक्षकों को तकनीकी कौशल के बारे में जानकारी दी। जिला समन्वयक पुनीत कुमार ने कहा कि प्रतिभागियों ने मॉडल बनाने के लिए पुरानी अखबार, प्लास्टिक की बोतलें, लकड़ी के टुकड़ों और अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरे सत्र में स्रोत व्यक्ति अनिता कुमारी ने वन, जीवाश्म ईंधन और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। तीसरे सत्र में कूड़ेदान या पर्यावरण अनुकूल अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग करके मॉडल बनाया। प्रतिभागियों ने मॉडल बनाने के लिए अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग किया। चौथे सत्र में स्रोत व्यक्ति संदीप कौशल और जिला समन्वयक पुनीत कुमार ने पीएमआईएस के बारे में चर्चा की।
विज्ञापन
इसके साथ ही शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा के विभिन्न मोबाइल एप्लिकेशन, ऑनलाइन पोर्टल, स्मार्ट क्लासरूम और गैजेट्स का व्यावहारिक अभ्यास करवाया। इसमें उन्होंने शिक्षकों को तकनीकी कौशल के बारे में जानकारी दी। जिला समन्वयक पुनीत कुमार ने कहा कि प्रतिभागियों ने मॉडल बनाने के लिए पुरानी अखबार, प्लास्टिक की बोतलें, लकड़ी के टुकड़ों और अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग किया।
विज्ञापन