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विद्यार्थियों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा ऋण : उपायुक्त
Wed, 24 Sep 2025 01:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 24 Sep 2025 01:26 AM IST
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हमीरपुर। अब साधारण परिवारों के बच्चों को देश-विदेश के बड़े से बड़े संस्थानों से उच्च शिक्षा या व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने के लिए पैसों की कमी आड़े नहीं आएगी। इन बच्चों के लिए प्रदेश सरकार ने डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के माध्यम से केवल एक प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का प्रावधान किया है।
इन परिवारों के बच्चे भी अब विश्व के किसी भी संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने के अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। उपायुक्त अमरजीत सिंह ने बताया कि अधिकतम चार लाख रुपये तक की सालाना आय वाले हिमाचली परिवारों के बच्चे इस योजना के लिए पात्र हैं।
आवेदक की आयु 28 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा पिछली कक्षा या परीक्षा में उसके कम से कम 60 प्रतिशत अंक होने चाहिएं। पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों के बच्चे निर्धारित आवेदन प्रपत्र भरकर और इसके साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर उपायुक्त कार्यालय की ग्रामीण विकास शाखा में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ आय प्रमाणपत्र, आधार कार्ड की प्रति सहित अन्य पत्र संलग्न करना अनिवार्य है।
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पात्र विद्यार्थी को उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा सकता है, जिसकी दर केवल एक प्रतिशत होगी। यह राशि विद्यार्थी की ट्यूशन फीस, पुस्तकों, प्रयोगशाला शुल्क, उपकरणों, लैपटॉप, छात्रावास एवं आवास और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं पर खर्च की जा सकती है।
यह योजना मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी, कानून प्रबंधन, आईटीआई, पॉलीटेक्निक, पीएचडी और अन्य पेशेवर एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए लागू की गई है। विदेशों में शिक्षा के लिए भी इस धनराशि का उपयोग किया जा सकता है। हर जिले में उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से एक कोष स्थापित किया है, ताकि विद्यार्थियों को तत्काल पहली किस्त जारी की जा सके। संवाद
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इन परिवारों के बच्चे भी अब विश्व के किसी भी संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने के अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। उपायुक्त अमरजीत सिंह ने बताया कि अधिकतम चार लाख रुपये तक की सालाना आय वाले हिमाचली परिवारों के बच्चे इस योजना के लिए पात्र हैं।
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आवेदक की आयु 28 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा पिछली कक्षा या परीक्षा में उसके कम से कम 60 प्रतिशत अंक होने चाहिएं। पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों के बच्चे निर्धारित आवेदन प्रपत्र भरकर और इसके साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर उपायुक्त कार्यालय की ग्रामीण विकास शाखा में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ आय प्रमाणपत्र, आधार कार्ड की प्रति सहित अन्य पत्र संलग्न करना अनिवार्य है।
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पात्र विद्यार्थी को उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा सकता है, जिसकी दर केवल एक प्रतिशत होगी। यह राशि विद्यार्थी की ट्यूशन फीस, पुस्तकों, प्रयोगशाला शुल्क, उपकरणों, लैपटॉप, छात्रावास एवं आवास और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं पर खर्च की जा सकती है।
यह योजना मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी, कानून प्रबंधन, आईटीआई, पॉलीटेक्निक, पीएचडी और अन्य पेशेवर एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए लागू की गई है। विदेशों में शिक्षा के लिए भी इस धनराशि का उपयोग किया जा सकता है। हर जिले में उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से एक कोष स्थापित किया है, ताकि विद्यार्थियों को तत्काल पहली किस्त जारी की जा सके। संवाद