{"_id":"68a61b33a9a63110b80acd54","slug":"students-guilty-of-ragging-may-face-imprisonment-and-fine-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-164336-2025-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: रैगिंग के दोषी विद्यार्थियों को हो सकता है कारावास एवं जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: रैगिंग के दोषी विद्यार्थियों को हो सकता है कारावास एवं जुर्माना
Thu, 21 Aug 2025 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:30 AM IST
विज्ञापन
राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में प्रधानाचार्य सहित अन्य।
हमीरपुर। राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर की एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक महाविद्यालय के सम्मेलन हाल में आयोजित की गई। प्रधानाचार्य चंद्रशेखर ने बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में कमेटी के सदस्यों, विभिन्न विभागाध्यक्षों, अन्य फैकल्टी सदस्यों, छात्र प्रतिनिधियों, अभिभावकों आदि ने भाग लिया। प्रधानाचार्य ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग को रोकने के लिए बहुत ही कड़ा कानून बनाया गया है। इसमें रैगिंग को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है। रैगिंग के दोषी विद्यार्थी को कारावास और जुर्माना हो सकता है। उसे संस्थान से निष्कासित भी किया जा सकता है।
बहुतकनीकी महाविद्यालय परिसर, हॉस्टलों एवं पीजी तथा इनके आसपास के क्षेत्रों में रैगिंग जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। संस्थान में एंटी रैगिंग कमेटी के अलावा एंटी रैगिंग दस्तों का गठन भी किया गया है। संस्थान और महत्वपूर्ण स्थानों पर हेल्पलाइन नंबर भी प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपनी-अपनी कक्षाओं में विद्यार्थियों को रैगिंगरोधी कानून के विभिन्न प्रावधानों के प्रति जागरूक करें।
विज्ञापन
इस वर्ष पहली अगस्त से आरंभ किए गए नए बैच में लगभग 250 विद्यार्थी दाखिल हुए हैं। इन नए विद्यार्थियों के लिए आयोजित एक सप्ताह के इंडक्शन कार्यक्रम में भी रैगिंग जैसी गतिविधियों के प्रति जागरूक किया गया है।
विज्ञापन
बैठक में कमेटी के सदस्यों, विभिन्न विभागाध्यक्षों, अन्य फैकल्टी सदस्यों, छात्र प्रतिनिधियों, अभिभावकों आदि ने भाग लिया। प्रधानाचार्य ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग को रोकने के लिए बहुत ही कड़ा कानून बनाया गया है। इसमें रैगिंग को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है। रैगिंग के दोषी विद्यार्थी को कारावास और जुर्माना हो सकता है। उसे संस्थान से निष्कासित भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
बहुतकनीकी महाविद्यालय परिसर, हॉस्टलों एवं पीजी तथा इनके आसपास के क्षेत्रों में रैगिंग जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। संस्थान में एंटी रैगिंग कमेटी के अलावा एंटी रैगिंग दस्तों का गठन भी किया गया है। संस्थान और महत्वपूर्ण स्थानों पर हेल्पलाइन नंबर भी प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपनी-अपनी कक्षाओं में विद्यार्थियों को रैगिंगरोधी कानून के विभिन्न प्रावधानों के प्रति जागरूक करें।
विज्ञापन
इस वर्ष पहली अगस्त से आरंभ किए गए नए बैच में लगभग 250 विद्यार्थी दाखिल हुए हैं। इन नए विद्यार्थियों के लिए आयोजित एक सप्ताह के इंडक्शन कार्यक्रम में भी रैगिंग जैसी गतिविधियों के प्रति जागरूक किया गया है।