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Hamirpur (Himachal) News: दुकानदार व्यक्तिगत खर्च पर बनाएगा दीवार
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हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में बीते सप्ताह गुपचुप तरीके से परिसर के भीतर तोड़ी गई दुकान के मामले की गाज एक दुकानदार पर गिरी है। जबकि इस मामले में संस्थान के अधिकारी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। संस्थान प्रबंधन ने संपदा अधिकारी को पत्र लिखकर दुकान की तोड़ी गई दीवार को आरोपित दुकानदार से अपने खर्च पर नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए हैं। बिना मंजूरी दीवार तोड़ने के मामले में कानूनी कार्रवाई और जुर्माना राशि वसूलने पर अभी तक फैसला नहीं हो पाया है।
दुकानदार पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई करने का निर्णय एनआईटी निदेशक की ओर से लिया जाएगा। संस्थान प्रबंधन की ओर से संपदा अधिकारी को भी नोटिस जारी हुआ है। संबंधित अधिकारी की ओर से एनआईटी प्रशासन को जो लिखित में जवाब दिया गया है उसमें कहा गया है कि दीवार में सीलन होने के कारण इसे तोड़ा गया। जल्दबाजी में इसके लिए लिखित में अनुमति नहीं ले जा सकी। इस पर संस्थान प्रबंधन ने संपदा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि दुकान की दीवार को उसी तरह से बनवाया जाए जैसे वह पहले थी। हालांकि, जो जवाब लिखा है वह संतोषजनक भी नहीं लग रहा कि आखिर पूरे कांप्लेक्स की दुकानों की एक ही दीवार में सीलन कैसे आ गई। यदि आई भी थी तो उसने दुकान तोड़ने के लिए शुक्रवार का ही दिन क्यों चुना, जब अगले दो दिन अवकाश होता है। उधर, इस बारे में एनआईटी हमीरपुर की रजिस्ट्रार प्रो. अर्चना नानोटी ने कहा कि दुकान की तोड़ी गई दीवार को दोबारा उसी तरह निर्मित करने के आदेश जारी किए गए हैं। दुकानदार पर जुर्माने से संबंधित निर्णय संस्थान निदेशक ही लेंगे।
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दुकानदार पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई करने का निर्णय एनआईटी निदेशक की ओर से लिया जाएगा। संस्थान प्रबंधन की ओर से संपदा अधिकारी को भी नोटिस जारी हुआ है। संबंधित अधिकारी की ओर से एनआईटी प्रशासन को जो लिखित में जवाब दिया गया है उसमें कहा गया है कि दीवार में सीलन होने के कारण इसे तोड़ा गया। जल्दबाजी में इसके लिए लिखित में अनुमति नहीं ले जा सकी। इस पर संस्थान प्रबंधन ने संपदा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि दुकान की दीवार को उसी तरह से बनवाया जाए जैसे वह पहले थी। हालांकि, जो जवाब लिखा है वह संतोषजनक भी नहीं लग रहा कि आखिर पूरे कांप्लेक्स की दुकानों की एक ही दीवार में सीलन कैसे आ गई। यदि आई भी थी तो उसने दुकान तोड़ने के लिए शुक्रवार का ही दिन क्यों चुना, जब अगले दो दिन अवकाश होता है। उधर, इस बारे में एनआईटी हमीरपुर की रजिस्ट्रार प्रो. अर्चना नानोटी ने कहा कि दुकान की तोड़ी गई दीवार को दोबारा उसी तरह निर्मित करने के आदेश जारी किए गए हैं। दुकानदार पर जुर्माने से संबंधित निर्णय संस्थान निदेशक ही लेंगे।
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