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बहादुरी के लिए रंगस के सैनिक आशीष को सेना मेडल
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सेना मेडल पाने वाले रंगस के आशीष ठाकुर।
- फोटो : Hamirpur-HP
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रंगस (नादौन)। उपमंडल नादौन के रंगस गांव निवासी और भारतीय सेना में सिपाही आशीष ठाकुर को बहादुरी एवं अदम्य साहस के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया जाएगा। इस घोषणा के बाद क्षेत्रभर में प्रसन्नता की लहर है। आशीष 55 आरआर में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में तैनात हैं। छह वर्ष पूर्व आशीष गर्नेडियर रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। आशीष के पिता निजी कंपनी से सेवानिवृत्त होकर अब अपने घर में खेतीबाड़ी का कार्य करते हैं तथा माता आयुष विभाग में कार्यरत हैं। मेडल की घोषणा स्वतंत्रता दिवस पर हुई है। आशीष ने 12वीं तक की पढ़ाई क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोलसप्पड़ में की। इसके बाद वह भारतीय सेना में बतौर सिपाही भर्ती हुए।
उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि पिछले वर्ष मई माह में पुलवामा में तीन आतंकी घुस गए थे। सूचना मिलते ही मेरे समेत चार जवान मौके पर पहुंचे। पहुंचते ही आतंकियों से भीषण मुठभेड़ हुई। जिसमें एक सैनिक साथी भी शहीद हो गया, लेकिन मुठभेड़ कई घंटों तक चलती रही। अंत में हम तीन सैनिकों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। उसी के चलते सेना मेडल मिलने वाले सैनिकों की सूची में मेरा नाम भी शामिल है।
इस पुरस्कार के मिलते ही अपने गांव में आने का प्रयास किया जाएगा और सभी के साथ सेना मेडल मिलने के पीछे की भूमिका को साझा किया जाएगा। आशीष के माता-पिता सहित चाचा तथा चाची ने भी आशीष को बहादुरी पुरस्कार के रूप में सेना मेडल मिलने पर खुशी जाहिर की है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि आशीष के घर पहुंचने पर उस बहादुर बच्चे का सभी गांववासियों की तरफ से एक भव्य स्वागत किया जाएगा।
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उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि पिछले वर्ष मई माह में पुलवामा में तीन आतंकी घुस गए थे। सूचना मिलते ही मेरे समेत चार जवान मौके पर पहुंचे। पहुंचते ही आतंकियों से भीषण मुठभेड़ हुई। जिसमें एक सैनिक साथी भी शहीद हो गया, लेकिन मुठभेड़ कई घंटों तक चलती रही। अंत में हम तीन सैनिकों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। उसी के चलते सेना मेडल मिलने वाले सैनिकों की सूची में मेरा नाम भी शामिल है।
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इस पुरस्कार के मिलते ही अपने गांव में आने का प्रयास किया जाएगा और सभी के साथ सेना मेडल मिलने के पीछे की भूमिका को साझा किया जाएगा। आशीष के माता-पिता सहित चाचा तथा चाची ने भी आशीष को बहादुरी पुरस्कार के रूप में सेना मेडल मिलने पर खुशी जाहिर की है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि आशीष के घर पहुंचने पर उस बहादुर बच्चे का सभी गांववासियों की तरफ से एक भव्य स्वागत किया जाएगा।
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