{"_id":"6872b3099bfe790e5b0ff25f","slug":"selling-fertilizer-made-from-waste-has-become-difficult-buyers-are-not-being-found-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-160952-2025-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: कचरे से बनी खाद बेचना हुआ मुश्किल, नहीं मिल रहे खरीदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: कचरे से बनी खाद बेचना हुआ मुश्किल, नहीं मिल रहे खरीदार
Sun, 13 Jul 2025 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 13 Jul 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर के अंतर्गत कचरा ट्रीटमेंट प्लांट में जैविक खाद की बिक्री अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जैविक खाद की खरीदारी के लिए ढूंढ़कर भी ग्राहक नहीं मिल रहे हैं।
पांच रुपये मूल्य निर्धारित होने के बाद भी लोग खाद खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिससे ट्रीटमेंट प्लांट पर चार टन खाद का ढेर लग गया है। अब आगामी समय में जगह तंग होने से खाद को रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी। पुराने ढेर को हटाने के बाद ही नई खाद को रखने के लिए जगह होगी। नगर निगम की ओर से खाद बनाने का ठेका निजी एजेंसी को दिया हुआ है।
प्रत्येक माह कर्मचारी मशीनों के माध्यम से गीले कचरे को कंपोस्ट कर खाद तैयार करते हैं, ताकि सड़ी गली हुई सब्जियों के कचरे का सही तरीके से निष्पादन हो सके। शहर से जो सड़े-गले सेब, अनानास व पत्ते, केले के छिलके, अनार सहित अन्य फल और सब्जियों के वेस्ट मैटेरियल घरों से एकत्रित कर जैविक खाद उत्पादन यूनिट पर लाया जाता है।
विज्ञापन
इसके अलावा शहरी क्षेत्र के वार्डों से भी कचरा एकत्र कर लाया जाता है। इसमें से गीले कचरे को एकत्रित कर जैविक खाद बनाने में प्रयोग किया जा रहा है। गीले कचरे से बदबू व बीमारियां फैलने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में प्रत्येक दिन खाद को कंपोस्ट करने का कार्य होता है। शहरभर से करीब 80 टन कचरा प्रतिदिन निकलता है। इनमें से 60 फीसदी गीला एवं 40 फीसदी सूखा कचरा रहता है।
गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जा रही है, जबकि सूखे कचरे का अलग से निस्तारण किया जाता है। खाद की ब्रिकी के लिए निगम के कर्मचारी लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं, लेकिन खाद की खरीदारी में कोई भी बढ़ोतरी नहीं हुई है।
कोट
कचरा ट्रीटमेंट प्लांट में खाद को बेचने का कार्य निजी कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी के माध्यम से ही कचरे को बेचा जाता है। खाद को रखने के लिए प्लांट के साथ की जगह साफ करवाई जाएगी, ताकि खाद को रखने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। लोगों से अनुरोध है कि जैविक खाद को खरीदें, ताकि रसायनों का कम से कम प्रयोग हो सके।
-राम प्रसाद, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम, हमीरपुर
विज्ञापन
पांच रुपये मूल्य निर्धारित होने के बाद भी लोग खाद खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिससे ट्रीटमेंट प्लांट पर चार टन खाद का ढेर लग गया है। अब आगामी समय में जगह तंग होने से खाद को रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी। पुराने ढेर को हटाने के बाद ही नई खाद को रखने के लिए जगह होगी। नगर निगम की ओर से खाद बनाने का ठेका निजी एजेंसी को दिया हुआ है।
विज्ञापन
प्रत्येक माह कर्मचारी मशीनों के माध्यम से गीले कचरे को कंपोस्ट कर खाद तैयार करते हैं, ताकि सड़ी गली हुई सब्जियों के कचरे का सही तरीके से निष्पादन हो सके। शहर से जो सड़े-गले सेब, अनानास व पत्ते, केले के छिलके, अनार सहित अन्य फल और सब्जियों के वेस्ट मैटेरियल घरों से एकत्रित कर जैविक खाद उत्पादन यूनिट पर लाया जाता है।
विज्ञापन
इसके अलावा शहरी क्षेत्र के वार्डों से भी कचरा एकत्र कर लाया जाता है। इसमें से गीले कचरे को एकत्रित कर जैविक खाद बनाने में प्रयोग किया जा रहा है। गीले कचरे से बदबू व बीमारियां फैलने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में प्रत्येक दिन खाद को कंपोस्ट करने का कार्य होता है। शहरभर से करीब 80 टन कचरा प्रतिदिन निकलता है। इनमें से 60 फीसदी गीला एवं 40 फीसदी सूखा कचरा रहता है।
गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जा रही है, जबकि सूखे कचरे का अलग से निस्तारण किया जाता है। खाद की ब्रिकी के लिए निगम के कर्मचारी लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं, लेकिन खाद की खरीदारी में कोई भी बढ़ोतरी नहीं हुई है।
कोट
कचरा ट्रीटमेंट प्लांट में खाद को बेचने का कार्य निजी कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी के माध्यम से ही कचरे को बेचा जाता है। खाद को रखने के लिए प्लांट के साथ की जगह साफ करवाई जाएगी, ताकि खाद को रखने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। लोगों से अनुरोध है कि जैविक खाद को खरीदें, ताकि रसायनों का कम से कम प्रयोग हो सके।
-राम प्रसाद, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम, हमीरपुर