{"_id":"678bfa31761af5620702e0c8","slug":"school-heads-will-be-able-to-demand-up-to-20-online-tasks-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-146099-2025-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: 20 तक ऑनलाइन कार्यों की डिमांड कर सकेंगे स्कूल प्रमुख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: 20 तक ऑनलाइन कार्यों की डिमांड कर सकेंगे स्कूल प्रमुख
Sun, 19 Jan 2025 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 19 Jan 2025 12:30 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। वर्ष 2025 में सरकारी स्कूलों में विकास कार्यों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 705 स्कूलों के प्रमुख 20 जनवरी तक सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
आवेदन के बाद निजी कंपनियां दो फीसदी अनुदान स्कूलों के विकास कार्यों के लिए देंगी। इससे स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्कूल प्रमुख स्कूलों में सुरक्षा दीवार का निर्माण, पुराने भवन की मरम्मत, कक्षा कक्षों का जीर्णोद्धार, आधुनिक उपकरणों की खरीदारी, खेल मैदानों का कायाकल्प, अतिरिक्त भवन निर्माण, शौचालयों का निर्माण कार्य सहित अन्य विकास कार्यों को डिमांड के माध्यम से विद्यांजलि पोर्टल पर जाकर सीएसआर प्रोजेक्ट पर अपलोड कर सकते हैं।
ऑनलाइन प्रोजेक्ट पर डिमांड अपलोड होने के बाद निजी कंपनियां डिमांड के अनुसार जरूरत के हिसाब से जिलाभर के सरकारी स्कूलों को बजट राशि जारी करेंगी, ताकि स्कूल प्रमुखों को विभिन्न प्रकार के विकास कार्य करवाने में आसानी हो सके। बजट राशि की डिमांड स्कूलों के लिए चार मानकों के आधार पर तय की गई है, जिसमें फर्नीचर, डिजिटल उपकरण, नया भवन और जीर्णोद्धार कार्य शामिल है। विद्यांजलि पोर्टल कार्यक्रम की भांति ही निजी कंपनियों की ओर से स्कूलों को (अपना विद्यालय) गोद लेने का अभियान शुरू किया गया है, ताकि स्कूलों में सरकारी बजट के साथ निजी कंपनियों के सहयोग से भी विकास कार्य करवाए जा सकें।
विज्ञापन
कोट
जिलेभर के 705 स्कूलों के प्रमुख 20 जनवरी तक ऑनलाइन विद्याजंलि पोर्टल पर सीएसआर पोजेक्ट पर स्कूलों में विभिन्न कार्यों की डिमांड कर सकेंगे। डिमांड के बाद निजी कंपनियां स्कूलों के विकास कार्यों के लिए दो फीसदी अनुदान प्रदान करेंगी।
सुनील कुमार, समन्व्यक, सामुदायिक सहभागिता
विज्ञापन
आवेदन के बाद निजी कंपनियां दो फीसदी अनुदान स्कूलों के विकास कार्यों के लिए देंगी। इससे स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्कूल प्रमुख स्कूलों में सुरक्षा दीवार का निर्माण, पुराने भवन की मरम्मत, कक्षा कक्षों का जीर्णोद्धार, आधुनिक उपकरणों की खरीदारी, खेल मैदानों का कायाकल्प, अतिरिक्त भवन निर्माण, शौचालयों का निर्माण कार्य सहित अन्य विकास कार्यों को डिमांड के माध्यम से विद्यांजलि पोर्टल पर जाकर सीएसआर प्रोजेक्ट पर अपलोड कर सकते हैं।
विज्ञापन
ऑनलाइन प्रोजेक्ट पर डिमांड अपलोड होने के बाद निजी कंपनियां डिमांड के अनुसार जरूरत के हिसाब से जिलाभर के सरकारी स्कूलों को बजट राशि जारी करेंगी, ताकि स्कूल प्रमुखों को विभिन्न प्रकार के विकास कार्य करवाने में आसानी हो सके। बजट राशि की डिमांड स्कूलों के लिए चार मानकों के आधार पर तय की गई है, जिसमें फर्नीचर, डिजिटल उपकरण, नया भवन और जीर्णोद्धार कार्य शामिल है। विद्यांजलि पोर्टल कार्यक्रम की भांति ही निजी कंपनियों की ओर से स्कूलों को (अपना विद्यालय) गोद लेने का अभियान शुरू किया गया है, ताकि स्कूलों में सरकारी बजट के साथ निजी कंपनियों के सहयोग से भी विकास कार्य करवाए जा सकें।
विज्ञापन
कोट
जिलेभर के 705 स्कूलों के प्रमुख 20 जनवरी तक ऑनलाइन विद्याजंलि पोर्टल पर सीएसआर पोजेक्ट पर स्कूलों में विभिन्न कार्यों की डिमांड कर सकेंगे। डिमांड के बाद निजी कंपनियां स्कूलों के विकास कार्यों के लिए दो फीसदी अनुदान प्रदान करेंगी।
सुनील कुमार, समन्व्यक, सामुदायिक सहभागिता