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Hamirpur (Himachal) News: चंदन की महक पर डाका, पुलिस की पहुंच से दूर गिरोह का आका
Wed, 24 Sep 2025 01:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 24 Sep 2025 01:28 AM IST
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हमीरपुर। चंदन के पेड़ चोरी करने वाला गिरोह महज हमीरपुर जिले तक ही सीमित नहीं है। यह गिरोह बिलासपुर से लेकर कांगड़ा तक सक्रिय है। वहीं, इस गिरोह का मुख्य सरगना पुलिस की पहुंच से दूर है।
पुलिस को इस गिरोह में शामिल शातिरों की एक-दूसरे से जुड़े होने की आशंका है। बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के ज्वालाजी क्षेत्र में चंदन के पेड़ चोरी की कई वारदातें हाल फिलहाल में सामने आ चुकी हैं। हमीरपुर जिले में चंदन चोरों को पकड़ने के लिए तो विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है, लेकिन अभी तक जांच में कोई ठोस नतीजे नहीं निकले हैं। अभी तक हमीरपुर पुलिस की एसआईटी भी खाली हाथ है।
हालांकि विभिन्न जिलों में सामने आए चोरी के मामलों को आधार बनाकर यह एसआईटी जांच को आगे बढ़ा रही है। इस चंदन को कहां किस राज्य में बेचा जा रहा है, इसे लेकर अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है।
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चोरी के इस चंदन की तस्करी के रूट और बेचने के ठिकाने तक अभी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा के ज्वालाजी क्षेत्र में बहुतायात में सफेद चंदन के पेड़ पाए जाते हैं। यहां पर लोगों ने अपने घरों में चंदन को उगाया है। सरकारी जमीन और सरकारी भवनों के प्रांगण, शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में लगे पेड़ शातिरों के निशाने पर हैं।
बिलासपुर के कंदरौर में सरकारी स्कूल के परिसर से पेड़ा काटा गया है, जबकि एनआईटी हमीरपुर से तीन चंदन के पेड़ कटे हैं। हर्बल गार्डन नेरी को शातिरों ने निशाना बनाया है। दिन में रेकी कर रात को चोरी की जा रही है। खास बात यह है कि सरकारी संस्थानों के साथ निजी घरों में लगे पेड़ों की जानकारी भी शातिरों को है। ऐसे में आशंका है कि स्थानीय लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
पारंपरिक आरी का किया जा रहा प्रयोग
चंदन चोरी के इस गिरोह में चंदन को काटने के लिए पारंपरिक तकनीक का ही प्रयोग किया जा रहा है। दो लोगों की मदद से चलने वाली आरी का प्रयोग कर पेड़ों को काटा जा रहा है। रात के अंधरे में बिना आवाज किए शातिर पेड़ों पर आरी चला रहे हैं। अभी तक जिला मुख्यालय हमीरपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 20 के करीब पेड़ कट चुके हैं। इन पेड़ों को काटने का तरीका एक ही है।
कोट
एसआईटी मामले में गहनता से जांच कर रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की पकड़ में होंगे। सिलसिलेवार चोरियां हुई हैं, ऐसे में सभी पहलुओं को जांच में ध्यान में रखा जा रहा है।
-भगत सिंह ठाकुर, एसपी हमीरपुर
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पुलिस को इस गिरोह में शामिल शातिरों की एक-दूसरे से जुड़े होने की आशंका है। बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के ज्वालाजी क्षेत्र में चंदन के पेड़ चोरी की कई वारदातें हाल फिलहाल में सामने आ चुकी हैं। हमीरपुर जिले में चंदन चोरों को पकड़ने के लिए तो विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है, लेकिन अभी तक जांच में कोई ठोस नतीजे नहीं निकले हैं। अभी तक हमीरपुर पुलिस की एसआईटी भी खाली हाथ है।
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हालांकि विभिन्न जिलों में सामने आए चोरी के मामलों को आधार बनाकर यह एसआईटी जांच को आगे बढ़ा रही है। इस चंदन को कहां किस राज्य में बेचा जा रहा है, इसे लेकर अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है।
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चोरी के इस चंदन की तस्करी के रूट और बेचने के ठिकाने तक अभी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा के ज्वालाजी क्षेत्र में बहुतायात में सफेद चंदन के पेड़ पाए जाते हैं। यहां पर लोगों ने अपने घरों में चंदन को उगाया है। सरकारी जमीन और सरकारी भवनों के प्रांगण, शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में लगे पेड़ शातिरों के निशाने पर हैं।
बिलासपुर के कंदरौर में सरकारी स्कूल के परिसर से पेड़ा काटा गया है, जबकि एनआईटी हमीरपुर से तीन चंदन के पेड़ कटे हैं। हर्बल गार्डन नेरी को शातिरों ने निशाना बनाया है। दिन में रेकी कर रात को चोरी की जा रही है। खास बात यह है कि सरकारी संस्थानों के साथ निजी घरों में लगे पेड़ों की जानकारी भी शातिरों को है। ऐसे में आशंका है कि स्थानीय लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
पारंपरिक आरी का किया जा रहा प्रयोग
चंदन चोरी के इस गिरोह में चंदन को काटने के लिए पारंपरिक तकनीक का ही प्रयोग किया जा रहा है। दो लोगों की मदद से चलने वाली आरी का प्रयोग कर पेड़ों को काटा जा रहा है। रात के अंधरे में बिना आवाज किए शातिर पेड़ों पर आरी चला रहे हैं। अभी तक जिला मुख्यालय हमीरपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 20 के करीब पेड़ कट चुके हैं। इन पेड़ों को काटने का तरीका एक ही है।
कोट
एसआईटी मामले में गहनता से जांच कर रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की पकड़ में होंगे। सिलसिलेवार चोरियां हुई हैं, ऐसे में सभी पहलुओं को जांच में ध्यान में रखा जा रहा है।
-भगत सिंह ठाकुर, एसपी हमीरपुर