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Hamirpur (Himachal) News: हिमाचल के बृहद इतिहास पर भारतीय काल गणना अनुसार होगा शोध
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भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद से नेरी शोध संस्थान को मिला प्रोजेक्ट
ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी में कार्यशाला में दी जानकारी, विद्वानों ने दिए सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस/हमीरपुर। ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी में रविवार को त्रि-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। डॉ. चेतराम गर्ग की अध्यक्षता में इसका आयोजन किया गया। अंकुश भारद्वाज एवं डॉ. शिव भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास, डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने प्रदेश के सामाजिक इतिहास पर प्रस्तुतियां दीं। बारू राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के सांस्कृतिक इतिहास पर अपनी विस्तृत शोध परियोजना प्रस्तुत की।
शोध संस्थान नेरी को भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की तरफ से शोध परियोजना मंजूर हुई है। इस परियाेजना के तहत हिमाचल के बृहद इतिहास पर शोध होगा। कार्यशाला में विद्वानों ने इस परियोजना से संबंधित अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए। परियोजना निदेशक प्रो. नारायण सिंह राव ने कहा कि इस शोध परियोजना को छह संस्करणों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक खंड का एक संयोजक होगा। अगले पांच वर्षों में इस शोध परियोजना का कार्य पूर्ण होगा। पहले छह माह में केवल डाटा संग्रहण का कार्य होगा। इस परियोजना में भारतीय काल गणना के मुताबिक ही डाटा संग्रहीत किया जाएगा।
शोध संस्थान के निदेशक डॉ. चेतराम गर्ग ने कहा कि कार्यशाला में विद्वानों की तरफ से मिले सुझावों को समाहित करते हुए परियोजना के सभी छह संस्करणों का ब्लू प्रिंट अगले 15 दिन के भीतर तैयार कर उसके आधार पर आगे बढ़ा जाएगा। इस मौके पर 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर चक्र प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर मेघनाथ सांगल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यशाला में प्राध्यापक भाग चंद चौहान, मोहिंदर सलारिया, ऋषि भारद्वाज और पवन सहित 30 विद्वान एवं शोधकर्ता उपस्थित रहे।
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ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी में कार्यशाला में दी जानकारी, विद्वानों ने दिए सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस/हमीरपुर। ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी में रविवार को त्रि-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। डॉ. चेतराम गर्ग की अध्यक्षता में इसका आयोजन किया गया। अंकुश भारद्वाज एवं डॉ. शिव भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास, डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने प्रदेश के सामाजिक इतिहास पर प्रस्तुतियां दीं। बारू राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के सांस्कृतिक इतिहास पर अपनी विस्तृत शोध परियोजना प्रस्तुत की।
शोध संस्थान नेरी को भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की तरफ से शोध परियोजना मंजूर हुई है। इस परियाेजना के तहत हिमाचल के बृहद इतिहास पर शोध होगा। कार्यशाला में विद्वानों ने इस परियोजना से संबंधित अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए। परियोजना निदेशक प्रो. नारायण सिंह राव ने कहा कि इस शोध परियोजना को छह संस्करणों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक खंड का एक संयोजक होगा। अगले पांच वर्षों में इस शोध परियोजना का कार्य पूर्ण होगा। पहले छह माह में केवल डाटा संग्रहण का कार्य होगा। इस परियोजना में भारतीय काल गणना के मुताबिक ही डाटा संग्रहीत किया जाएगा।
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शोध संस्थान के निदेशक डॉ. चेतराम गर्ग ने कहा कि कार्यशाला में विद्वानों की तरफ से मिले सुझावों को समाहित करते हुए परियोजना के सभी छह संस्करणों का ब्लू प्रिंट अगले 15 दिन के भीतर तैयार कर उसके आधार पर आगे बढ़ा जाएगा। इस मौके पर 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर चक्र प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर मेघनाथ सांगल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यशाला में प्राध्यापक भाग चंद चौहान, मोहिंदर सलारिया, ऋषि भारद्वाज और पवन सहित 30 विद्वान एवं शोधकर्ता उपस्थित रहे।
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