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पांच से बढ़ाकर 30 फीसदी किया जाए ग्रेजुएट जेई का पदोन्नति कोटापांच से बढ़ाकर 30 फीसदी किया जाए ग्रेजुएट जेई का पदोन्नति कोटा
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बिजली बोर्ड के ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता हमीरपुर में बैठक के दौरान।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड ग्रेजुएट जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन हमीरपुर जोन की बैठक जोनल अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में हुई। संगठन के महासचिव अमित शर्मा ने कहा कि बैठक की शुरुआत इसमें उपस्थित नवनियुक्त ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं का स्वागत करके तथा उन्हें बोर्ड की कार्यशैली व संगठन की कार्यप्रणाली से अवगत करवाकर की गई। इस दौरान संगठन की लंबित मांगों पर चर्चा की गई। संगठन की मुख्य मांग में ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता का पदोन्नति कोटा फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी करने पर चर्चा की गई। अध्यक्ष ने कहा कि पहले ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता का पदोन्नति कोटा ज्यादा हुआ करता था, जबकि उस समय बोर्ड में ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता की संख्या भी काफी कम हुआ करती थी।
जिसे विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने के लिए समय-समय पर आरएंडपी नियमों में संशोधन करके कम कर दिया गया। वर्तमान में यह कोटा महज पांच फीसदी रह गया है। जबकि वर्तमान में ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं की संख्या 400 से अधिक है। संगठन ने ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं का पदोन्नति कोटा उन्हें वापस देने की मांग की है और बोर्ड में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं के हिसाब से कोटा विभाजन करने तथा ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता की वर्तमान संख्या के आधार पर लोक निर्माण विभाग तथा जल शक्ति विभाग के पदोन्नति कोटा की तर्ज पर पदोन्नति देने की मांग की गई।
अन्य मांगों में आईटी इंजीनियर को फील्ड में नियुक्ति देने की बजाय आईटी विंग का गठन शीघ्र करने, विभिन्न विभागों की मांग पर दूसरे इंजीनियर कैडर की तरह ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता को भी डेपुटेशन पर पदोन्नत कर भेजने की मांग भी की गई। संगठन ने बिजली बोर्ड से गुहार लगाई है कि इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, अन्यथा ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं को आंदोलन की राह पर चलना पड़ेगा।
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जिसे विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने के लिए समय-समय पर आरएंडपी नियमों में संशोधन करके कम कर दिया गया। वर्तमान में यह कोटा महज पांच फीसदी रह गया है। जबकि वर्तमान में ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं की संख्या 400 से अधिक है। संगठन ने ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं का पदोन्नति कोटा उन्हें वापस देने की मांग की है और बोर्ड में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं के हिसाब से कोटा विभाजन करने तथा ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता की वर्तमान संख्या के आधार पर लोक निर्माण विभाग तथा जल शक्ति विभाग के पदोन्नति कोटा की तर्ज पर पदोन्नति देने की मांग की गई।
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अन्य मांगों में आईटी इंजीनियर को फील्ड में नियुक्ति देने की बजाय आईटी विंग का गठन शीघ्र करने, विभिन्न विभागों की मांग पर दूसरे इंजीनियर कैडर की तरह ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंता को भी डेपुटेशन पर पदोन्नत कर भेजने की मांग भी की गई। संगठन ने बिजली बोर्ड से गुहार लगाई है कि इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, अन्यथा ग्रेजुएट कनिष्ठ अभियंताओं को आंदोलन की राह पर चलना पड़ेगा।
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