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न्यायालयों के डिजिटाइजेशन को दी जा रही प्राथमिकता : मुख्य न्यायाधीश

Sun, 12 May 2024 01:26 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 12 May 2024 01:26 AM IST
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Priority being given to digitization of courts: Chief Justice
भोरंज में नवनियुक्त जज को कोर्ट रूम में बिठाते मुख्य न्यायाधीश एवं अन्य। संवाद
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्रा राव ने भोरंज में किया सिविल जज कोर्ट का उद्घाटन
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संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्रा राव ने शनिवार को भोरंज में सिविल जज कोर्ट का उद्घाटन किया। मिनी सचिवालय में आयोजित उद्घाटन समारोह में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा भी उपस्थित रहे। जिलावासियों को बधाई देते हुए न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्रा राव ने कहा कि आम लोगों को न्याय सुलभ बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय राज्य में न्यायिक व्यवस्था के लिए एक सुदृढ़ ढांचा विकसित करने पर विशेष रूप से फोकस कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय की रिपोर्ट में भी यह सामने आया है कि हमारे देश में कई न्यायिक परिसर दशकों पुराने भवनों में ही चल रहे हैं। इसके अलावा हाल ही के वर्षों में न्यायालयों का व्यापक विस्तार भी हुआ है। इसलिए, न्यायिक व्यवस्था में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता महसूस की जा रही है।इस दिशा में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। इसके लिए जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में गठित बिल्डिंग कमेटी विभिन्न जिलों में जमीन उपलब्ध होते ही आधुनिक न्यायिक परिसरों के निर्माण को मंजूरी प्रदान कर रही है। मुख्य न्यायाधीश ने सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों से न्यायिक परिसरों के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध करवाने की प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने की अपील भी की। उन्होंने भोरंज में न्यायिक परिसर के लिए जमीन उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन का धन्यवाद भी किया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में आईटी के अधिक से अधिक उपयोग पर भी बल दिया जा रहा है। इससे न्यायिक व्यवस्था सुदृढ़ एवं दक्ष होगी और आम आदमी को त्वरित न्याय मिलेगा। उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों में ई-फाइलिंग सिस्टम शुरू कर दिया गया है और अभी तक लगभग 68 हजार केसों की ई-फाइलिंग हो चुकी है। न्यायालयों में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा भी आरंभ की गई है। प्रदेश के कई जिलों में वर्चुअल कोर्ट भी शुरू किए गए हैं। न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा ने हमीरपुर जिले की न्यायिक व्यवस्था के इतिहास पर प्रकाश डाला और भोरंज में न्यायिक परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया के लिए प्रशासन का धन्यवाद किया। इससे पहले, जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास भारद्वाज ने अपने संबोधन में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश, अन्य न्यायाधीशों और अन्य सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भोरंज में लंबे समय से सिविल जज कोर्ट की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब यहां कोर्ट खुल जाने से क्षेत्रवासियों को घर द्वार पर ही न्याय सुलभ होगा। बार एसोसिएशन भोरंज के उपाध्यक्ष सुरेश चंद गुलेरिया और अन्य पदाधिकारियों ने मुख्य न्यायाधीश और अन्य सभी अतिथियों का एसोसिएशन की ओर से अभिनंदन किया। एडवोकेट पंकज भारद्वाज ने धन्यवाद संबोधन प्रस्तुत किया। समारोह में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल जेके शर्मा, मुख्य न्यायाधीश के पीपीएस बीएल सोनी, जिलाधीश अमरजीत सिंह, एसपी पदम चंद, जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री सहित अन्य उपस्थित रहे।
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