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प्री-प्राइमरी कक्षाओं को नहीं मिले स्थायी शिक्षक
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हमीरपुर। शैक्षणिक सत्र 2022-23 में जिले के 460 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इससे स्कूल में कार्यरत जेबीटी शिक्षकों को प्री-प्राइमारी कक्षाओं सहित पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। वर्तमान में जिले के 56 स्कूलों में एक-एक जेबीटी शिक्षक कार्यरत है। शिक्षक को एक समय में सभी कक्षाओं के विद्यार्थी पढ़ाने पड़ रहे हैं।
वहीं, स्कूलों में शिक्षकों को शैक्षणिक, खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों को करवाने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए शिक्षकों की तैनाती को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी, लेकिन आचार संहिता के कारण शिक्षकों की तैनाती को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिलाभर में शैक्षिणक सत्र 2022-23 में 475 प्राथमिक स्कूलों में से 460 प्राथमिक स्कूलों में 1164 विद्यार्थियों ने प्री प्राइमरी कक्षा में दाखिला लिया है। प्री प्राइमरी कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बुनियादी स्तर पर मजबूत करना है।
हाल ही में स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए मिड-डे-मिल बजट भी उपलब्ध भी करवा दिया गया है ताकि विद्यार्थियों को स्कूलों में पौष्टिक आहार मिल सके। लेकिन बच्चों के लिए अलग से शिक्षक न होने से शिक्षकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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इस संदर्भ में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक कुलभूषण राकेश ने कहा कि जिलाभर के 460 प्राथमिक स्कूलों में प्री प्राइमरी में 1164 विद्यार्थी दाखिल हैं। स्कूलों मेें कार्यरत जेबीटी शिक्षक ही इन विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं। प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए अन्य शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है।
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वहीं, स्कूलों में शिक्षकों को शैक्षणिक, खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों को करवाने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए शिक्षकों की तैनाती को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी, लेकिन आचार संहिता के कारण शिक्षकों की तैनाती को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिलाभर में शैक्षिणक सत्र 2022-23 में 475 प्राथमिक स्कूलों में से 460 प्राथमिक स्कूलों में 1164 विद्यार्थियों ने प्री प्राइमरी कक्षा में दाखिला लिया है। प्री प्राइमरी कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बुनियादी स्तर पर मजबूत करना है।
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हाल ही में स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए मिड-डे-मिल बजट भी उपलब्ध भी करवा दिया गया है ताकि विद्यार्थियों को स्कूलों में पौष्टिक आहार मिल सके। लेकिन बच्चों के लिए अलग से शिक्षक न होने से शिक्षकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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इस संदर्भ में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक कुलभूषण राकेश ने कहा कि जिलाभर के 460 प्राथमिक स्कूलों में प्री प्राइमरी में 1164 विद्यार्थी दाखिल हैं। स्कूलों मेें कार्यरत जेबीटी शिक्षक ही इन विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं। प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए अन्य शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है।