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Hamirpur (Himachal) News: एक कमरे में हो रहे पीएफटी और ईसीजी, मरीज परेशान
Tue, 07 Nov 2023 12:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 07 Nov 2023 12:03 AM IST
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सोमवार के दिन डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मेडिसिन ओपीडी के बाहर लगी कतार।(संवाद)
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पीएफटी और ईसीजी करवाने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक ही कमरे में पीएफटी और ईसीजी किए जाए रहे हैं। पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) फेफड़ों की जांच के लिए किया जाता है कि फेफड़े सही ढंग से काम कर रहे हैं या नहीं। इसमें अधिकतर टीबी वाले मरीजों की जांच की जाती हैं।
मेडिकल कॉलेज के जिस कमरे में पीएफटी की जाती है वहीं, पर ईसीजी भी होती है। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) का उपयोग डॉक्टरों द्वारा किसी व्यक्ति की हृदय गति की जांच करने के लिए किया जाता है। यह परीक्षण डॉक्टरों को दिल का दौरा, हृदय रोगों का पता लगाने में मदद करता है।
मरीजों सुमना, कल्पना, विजय, कमलेश कुमारी, दिव्या, आदि ने कहा कि एक ही कमरे में ईसीजी व पीएफटी होती है। कमरा बहुत छोटा है। जहां पर दो मरीजों की जांच करना मुश्किल हो जाता है। एक ओर ईसीजी के लिए मरीज लेटा होता है तो दूसरी तरफ पीएफटी के लिए मरीज बिठाया जाता है। इस कारण खासी दिक्कत होती है। इस कारण खासी दिक्कत होती है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में अलग कमरे में व्यवस्था होनी चाहिए।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि जगह की कमी होने के कारण ऐसा है। जैसे ही जगह होगी अलग-अलग व्यवस्था कर दी जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज के जिस कमरे में पीएफटी की जाती है वहीं, पर ईसीजी भी होती है। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) का उपयोग डॉक्टरों द्वारा किसी व्यक्ति की हृदय गति की जांच करने के लिए किया जाता है। यह परीक्षण डॉक्टरों को दिल का दौरा, हृदय रोगों का पता लगाने में मदद करता है।
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मरीजों सुमना, कल्पना, विजय, कमलेश कुमारी, दिव्या, आदि ने कहा कि एक ही कमरे में ईसीजी व पीएफटी होती है। कमरा बहुत छोटा है। जहां पर दो मरीजों की जांच करना मुश्किल हो जाता है। एक ओर ईसीजी के लिए मरीज लेटा होता है तो दूसरी तरफ पीएफटी के लिए मरीज बिठाया जाता है। इस कारण खासी दिक्कत होती है। इस कारण खासी दिक्कत होती है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में अलग कमरे में व्यवस्था होनी चाहिए।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि जगह की कमी होने के कारण ऐसा है। जैसे ही जगह होगी अलग-अलग व्यवस्था कर दी जाएगी।