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नादौन में 30 प्रवासी मजदूरों को पीटकर क्षेत्र से भगाया
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नादौन (हमीरपुर)। उत्तर प्रदेश से रोजी रोटी कमाने आए 30 मजदूरों को नादौन में कुछ शरारती तत्वों ने पीट-पीटकर क्षेत्र से भगा दिया। काम की तलाश में यह लोग नादौन में अपने ठेकेदार के पास पहुंचे थे। परंतु अफवाहों के चलते और कुछ शरारती तत्वों की हरकतों के कारण उन्हें घर लौटना पड़ा। इस दौरान जहां ठेकेदार ने भी उनका साथ छोड़ दिया। वहीं, पूर्व जिला परिषद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरेश ने न केवल उन्हें बचाया बल्कि उन्हें अपने घर में आसरा देकर उनके वापस जाने का भी प्रबंध किया। राजस्थान मूल के देवा नामक ठेकेदार ने उत्तर प्रदेश के बदायूं से करीब 30 मजदूरों को नादौन बुलाया था। गत वीरवार को यह सभी लोग जब सुबह नादौन बस अड्डा पहुंचे तो ड्यूटी पर तैनात गृह रक्षकों ने उन्हें जांच के लिए वहीं रोक लिया। दोपहर के बाद ठेकेदार के लोग इन्हें तरकेड़ी गांव ले गए जहां एक जंजघर में उन्हें ठहरा दिया गया।
परंतु वीरवार रात करीब 8:30 बजे कुछ शरारती तत्वों ने अफवाहों के कारण उन्हें उठाया और वहां से भागने को कहा। इसी दौरान शरारती तत्वों ने इन गरीब मजदूरों के साथ मारपीट भी की और वहां से भगा दिया। रात के अंधेरे में ये लोग अपने लिए इस अनजान स्थल पर अभी कुछ ही दूर ही चले थे कि डॉ. नरेश उनकी आवाजें सुनते ही मौका पर पहुंचे। मजदूरों ने डॉ. नरेश को सारी आपबीती बताई और उन्हें घर भिजवाने का आग्रह किया। जब उनके ठेकेदार से संपर्क साधा गया तो उसने अपना पल्लू झाड़ लिया। इसके बाद डॉ. नरेश उन्हें अपने ही घर ले गए, जहां उन्हें घर की तीसरी मंजिल पर सुला दिया। सुबह होते ही नरेश ने ठेकेदार को अपने पास बुलाया और उसे इन मजदूरों को वापस भेजने का प्रबंध करने की सख्त हिदायत दी। डॉ. नरेश ने मजदूरों को अपने घर में ही चाय नाश्ता करवाया और सभी मजदूरों को क्षेत्र से ऊना जाने वाली एक बस में बैठा कर भेज दिया। डॉ. नरेश का कहना है कि कोरोना के बारे में फैल रही अफवाहों के कारण ही यह घटनाक्रम हुआ। इस संबंध में थाना प्रभारी प्रवीण राणा ने कहा कि पुलिस के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं दी गई है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे किसी भी मामले में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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परंतु वीरवार रात करीब 8:30 बजे कुछ शरारती तत्वों ने अफवाहों के कारण उन्हें उठाया और वहां से भागने को कहा। इसी दौरान शरारती तत्वों ने इन गरीब मजदूरों के साथ मारपीट भी की और वहां से भगा दिया। रात के अंधेरे में ये लोग अपने लिए इस अनजान स्थल पर अभी कुछ ही दूर ही चले थे कि डॉ. नरेश उनकी आवाजें सुनते ही मौका पर पहुंचे। मजदूरों ने डॉ. नरेश को सारी आपबीती बताई और उन्हें घर भिजवाने का आग्रह किया। जब उनके ठेकेदार से संपर्क साधा गया तो उसने अपना पल्लू झाड़ लिया। इसके बाद डॉ. नरेश उन्हें अपने ही घर ले गए, जहां उन्हें घर की तीसरी मंजिल पर सुला दिया। सुबह होते ही नरेश ने ठेकेदार को अपने पास बुलाया और उसे इन मजदूरों को वापस भेजने का प्रबंध करने की सख्त हिदायत दी। डॉ. नरेश ने मजदूरों को अपने घर में ही चाय नाश्ता करवाया और सभी मजदूरों को क्षेत्र से ऊना जाने वाली एक बस में बैठा कर भेज दिया। डॉ. नरेश का कहना है कि कोरोना के बारे में फैल रही अफवाहों के कारण ही यह घटनाक्रम हुआ। इस संबंध में थाना प्रभारी प्रवीण राणा ने कहा कि पुलिस के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं दी गई है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे किसी भी मामले में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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