{"_id":"67af9699328248082c008d5f","slug":"patients-clashed-with-each-other-outside-the-medicine-opd-of-the-medical-college-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-148212-2025-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी \nके बाहर आपस में उलझे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी के बाहर आपस में उलझे मरीज
Sat, 15 Feb 2025 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 15 Feb 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
डॉ राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज की मेडिसन ओपीडी के बाहर खड़े मरीज। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की मेडिसिन ओपीडी में अपनी बारी के लिए मरीज आपस में उलझ गए। पुलिस सहायता कक्ष से महिला कर्मी भी मौके पर पहुंचीं और उसने मामले को शांत करवाया।
शुक्रवार दोपहर 12:24 बजे मेडिसन ओपीडी के बाहर मरीज स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान एक महिला मरीज पंक्ति में सबसे आगे खड़ी हो गई, जिसका अन्य मरीजों ने विरोध जताया। मरीज उस महिला से उलझ पड़े।
आरोप लगाया गया कि वह मरीज पहले ही ओपीडी कक्ष में बैठे चिकित्सक के पास जा चुकी थी। अब फिर से वह ओपीडी में जाना है, तो वह पंक्ति में लगे। इस मौके पर खड़े सुरक्षाकर्मियों ने भी संबंधित महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह महिला नहीं मान रही थी।
विज्ञापन
इस दौरान पुलिस सहायता कक्ष में तैनात महिला पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचीं। उसने महिला को समझाया। तब जाकर महिला पंक्ति से हटी और एक स्थान पर बैठ गई। मरीजों का आरोप है कि वह सुबह 10:00 बजे से यहां पर बैठे हैं। भाई-भतीजावाद की प्रथा अस्पताल में नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की मेडिसिन ओपीडी में अपनी बारी के लिए मरीज आपस में उलझ गए। पुलिस सहायता कक्ष से महिला कर्मी भी मौके पर पहुंचीं और उसने मामले को शांत करवाया।
शुक्रवार दोपहर 12:24 बजे मेडिसन ओपीडी के बाहर मरीज स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान एक महिला मरीज पंक्ति में सबसे आगे खड़ी हो गई, जिसका अन्य मरीजों ने विरोध जताया। मरीज उस महिला से उलझ पड़े।
विज्ञापन
आरोप लगाया गया कि वह मरीज पहले ही ओपीडी कक्ष में बैठे चिकित्सक के पास जा चुकी थी। अब फिर से वह ओपीडी में जाना है, तो वह पंक्ति में लगे। इस मौके पर खड़े सुरक्षाकर्मियों ने भी संबंधित महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह महिला नहीं मान रही थी।
विज्ञापन
इस दौरान पुलिस सहायता कक्ष में तैनात महिला पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचीं। उसने महिला को समझाया। तब जाकर महिला पंक्ति से हटी और एक स्थान पर बैठ गई। मरीजों का आरोप है कि वह सुबह 10:00 बजे से यहां पर बैठे हैं। भाई-भतीजावाद की प्रथा अस्पताल में नहीं होनी चाहिए।