हमीरपुर। स्थान : डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर। मंगलवार सुबह 11:45 बजे हैं। आपातकालीन वार्ड के बाहर मरीजों के साथ आए तीमारदारों की कतारें लगी हैं। वहीं, एक मरीज को नॉर्मल स्लाइन ग्लूकोस की जरूरत है। उसके तीमारदारों को इसे बाहर से लानेे के लिए कहा गया है। अस्पताल के भीतर नॉर्मल स्लाइन ग्लूकोस नहीं है। ऐसे में तीमारदार राकेश कुमार बाहर से महंगी कीमतों पर स्लाइन ग्लूकोस लेकर आता है। इस ग्लूकोज की अन्य वार्डों में भी मरीजों को चढ़ाने की जरूरत होती है, लेकिन कहीं पर भी ग्लूकोज नहीं है। ऐसे में सभी तीमारदार बाहर से ग्लूकोज की खरीदारी करते हैं।
बी कांप्लेक्स और कब्ज सिरप के लिए भी मरीजों को बाहरी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है, क्योंकि यह दवाई भी मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो पा रही है। 12:30 बजे हैं और गायनी वार्ड में भी महिलाओं के साथ आए तीमारदारों को ग्लूकोज के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। हालांकि, वहां पर सुरक्षा कर्मियों की ओर से फोटो नहीं करने दिए। तीमारदारों राकेश कुमार, विजय, विनय, कृष्ण चंद, करिश्मा, कांता देवी आदि ने कहा कि अस्पताल में उनके परिवार के सदस्य दाखिल हैं। नॉर्मल स्लाइन ग्लूकोस के लिए भी बाहर भेजा जा रहा है। इससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। बी कांप्लेक्स और कब्ज सिरप की दवाई भी वहां पर उपलब्ध नहीं है। ग्लूकोज के लिए पिछले तीन से चार दिन के लिए मरीजों व तीमारदारों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि कई बार दवाइयों की आपूर्ति नहीं पहुंच पाती। दवाइयों और ग्लूकोज का स्टॉक जल्द पहुंचा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।