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काउंटरों पर महज एक-एक फार्मासिस्ट, बिना दवाई लौट रहे मरीज

Tue, 04 Feb 2020 11:03 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2020 11:03 PM IST
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patient face difficulity on free medicine counter
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के दवाई काउंटर पर लगी लोगों की भीड़। - फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के निशुल्क दवाई के तीन काउंटरों पर महज एक-एक फार्मासिस्ट होने के कारण मरीज बिना दवाई के ही लौट रहे हैं। अस्पताल के दवाई काउंटरों पर छह की बजाय महज तीन फार्मासिस्ट होने के चलते दवाई देने व एंट्री करने का कार्य प्रत्येक काउंटर पर एक-एक फार्मासिस्ट कर रहा है। इसके चलते मरीजों को दवाई देने में अधिक समय लग रहा है। मरीजों की लंबी कतारें काउंटरों के बाहर लगती हैं। फार्मासिस्टों की कमी के चलते उन्हें घंटों कतारों में खड़े होना पड़ता है। चार बजते ही काउंटर बंद हो जाते हैं। इस कारण मरीजों को बैरंग ही लौटना पड़ता है। बीते सोमवार को भी करीब ढाई दर्जन मरीज बिना दवाई के ही लौटे।
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अस्पताल में पर्ची बनाने का समय भी साढ़े तीन हो गया है। इस कारण जब तक मरीज पर्ची बनाकर डॉक्टर को दिखाता है और ओपीडी की कतार में खड़े रहता है। चार बजे के बाद इन्हें दवाई नहीं मिलती है। इससे पूर्व 27 जनवरी को तीन घंटे लाइन में लगने के बावजूद चार बजे काउंटर बंद हो जाने और दवाई नहीं मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पर भी की गई है। जिसमें शिकायतकर्ता का कहना है कि तीन घंटे लाइन में लगने के बाद चार बजे काउंटर बंद कर दिया गया और उनकी माता को दवाई नहीं दी गई। जबकि, उस लाइन में और भी 50 मरीज दवाई के लिए खड़े थे। एमएस को यह शिकायत निराकरण के लिए दी गई है। एक तो काउंटर पर फार्मासिस्टों की कमी से दवाई देने में देरी होती है, ऊपर से चार बजे काउंटर बंद हो जाने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। अस्पताल में 16 फार्मासिस्ट और तीन चीफ फार्मासिस्ट हैं। 16 में से एक रेडियोलॉजी, एक फार्मोकोलॉजी, एक माइनर ओटी, एक आरएनटीसीपी लैब, दो आयुष्मान और हिमकेयर योजना, जबकि, अन्य वीआईपी ड्यूटी सहित छुट्टी पर होने के चलते काउंटरों पर कुल मिलाकर तीन या चार फार्मासिस्ट ही रह जाते हैं। इस कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों में सुशील शर्मा, नवीन, अखिल कुमार ने निशुल्क दवाई काउंटरों पर दो-दो फार्मासिस्टों की ड्यूटी लगाने व मरीजों को दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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