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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   panchayats not test the water

नहीं हो रही पेयजल स्रोतों की शुद्धता की नियमित जांच

Tue, 28 Jun 2016 10:57 PM IST
अमर उजाला हमीरपुर
अमर उजाला हमीरपुर Updated Tue, 28 Jun 2016 10:57 PM IST
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंचायतों को पेयजल की जांच करने के लिए दी गई टेस्ट किटें धूल फांक रही हैं। हालत यह है कि अधिकतर पंचायतों में टेस्ट किटें प्रयोग नहीं हो रही हैं। पंचायतों में प्रतिनिधियों को टेस्ट किटों के प्रयोग के संबंध में जानकारी तक नहीं है। ऐसे में प्राकृतिक पेयजल स्रोतों का गंदा पानी ही प्रयोग में लाया जा रहा है। पेयजल योजनाओं के जल की शुद्धता की भी जांच नहीं हो रही है।
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   जिला की 229 पंचायतों को आईपीएच विभाग की ओर से पेयजल टेस्ट किटें जारी की गई हैं। हालांकि इनके प्रयोग के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। साल में दो बार टेस्ट किटों में प्रयोग होने वाला केमिकल और बायोस्टिप्स भी जारी किया जाता है, लेकिन पंचायतों में इस सुविधा का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। पानी की शुद्धता की जांच के बिना ही पानी लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा है। दूषित पेयजल के प्रयोग से पीलिया, डायरिया एवं अन्य जलजनित रोग फैलने का खतरा है। खास तौर पर बरसात के मौसम में दूषित पेयजल सप्लाई होने की संभावना अधिक रहती है।
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कमेटियां भी की गई हैं गठित
पेयजल टेस्ट किटों के प्रयोग के लिए पंचायतों में कमेटियां गठित की जाती हैं। ये कमेटियां समय- समय पर पेयजल स्रोतों, टैंकों, हैंडपंप और अन्य प्राकृतिक पेयजल स्रोतों की जांच करती हैं। इस कमेटी में वाटर गार्डों को भी शामिल किया जाता है, लेकिन यह सब जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाता। ये किटें पंचायत कार्यालयों में धूल फांकती रहती हैं।
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कोट
-पेयजल की जांच के लिए कमेटियां बनाई गई हैं। वाटर गार्डों को पानी की जांच का जिम्मेवारी दी गई है। समय-समय पर कमेटी पेयजल स्रोतों पर जाकर पानी की जांच करती रहती है।

-कमल पठानिया, प्रधान, ग्राम पंचायत चमनेड़

-पंचायतों में पेयजल की जांच के लिए टेस्ट किटें उपलब्ध करवाई गई हैं। पंचायत प्रतिनिधियों को कमेटी बनाकर पेयजल की जांच के निर्देश दिए जाते हैं। आईपीएच जल्द ही पंचायतों में प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण अभियान भी चलाएगा।
-नीरज भोगल, एक्सईएन आईपीएच हमीरपुर।
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