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आउटसोर्स कर्मचारियों को दी जाए मेडिकल सुविधा : यूनियन
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हमीरपुर। प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन की बैठक शनिवार को हमीरपुर में हुई। इसमें यूनियन ने विधानसभा में मुख्यमंत्री की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित न करने के बारे में दिए गए बयान पर रोष प्रकट किया है। यूनियन ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी कंपनियों के माध्यम से शोषित हो रहे हैं।
अगर प्रदेश सरकार पॉलिसी नहीं बना सकती है तो आउटसोर्स कर्मचारियों को मेडिकल की सुविधा, समान काम का समान वेतन और अगर काम करते हुए किसी आउटसोर्स कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार से एक सदस्य को आउटसोर्स के आधार पर ही नौकरी दी जाए। इसके साथ उन्होंने मांग उठाई कि दूसरे राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश में भी आउटसोर्स कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को दस लाख रुपये दिए जाएं। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल ने कहा कि कुछ कंपनियां आउटसोर्स कर्मचारियों को ईपीएफ भी नहीं दे रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आह्वान किया कि वह आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ऐसी नीति बनाएं, जिससे उनका शोषण न हो। यशपाल ने कहा कि जल्द ही यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेगा।
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अगर प्रदेश सरकार पॉलिसी नहीं बना सकती है तो आउटसोर्स कर्मचारियों को मेडिकल की सुविधा, समान काम का समान वेतन और अगर काम करते हुए किसी आउटसोर्स कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार से एक सदस्य को आउटसोर्स के आधार पर ही नौकरी दी जाए। इसके साथ उन्होंने मांग उठाई कि दूसरे राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश में भी आउटसोर्स कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को दस लाख रुपये दिए जाएं। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल ने कहा कि कुछ कंपनियां आउटसोर्स कर्मचारियों को ईपीएफ भी नहीं दे रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आह्वान किया कि वह आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ऐसी नीति बनाएं, जिससे उनका शोषण न हो। यशपाल ने कहा कि जल्द ही यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेगा।
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