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जिले में स्कूल खुलने के पहले दिन 51 फीसदी विद्यार्थी ही पहुंचे स्कूल
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रावमापा कोट में स्कूल में प्रवेश करने पर विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग करते हुए।
- फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। स्थान: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर। दिन: वीरवार, समय सुबह के आठ बजकर 45 मिनट हुए हैं। स्कूल में विद्यार्थियों का पहुंचना शुरू हो गया है। सबसे पहले बड़ी कक्षाओं के छात्र पहुंचे। 15 मिनट के बाद बाकी बच्चे पहुंच गए। गेट पर विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद विद्यार्थियों के हाथ सैनिटाइज करवाए गए। स्कूल में लगभग सभी विद्यार्थी मास्क लगाकर पहुंचे हैं। नौ बज रहे हैं और लगभग विद्यार्थी स्कूल पहुंच गए हैं। प्रार्थना सभा नहीं हुई। कक्षाओं में अध्यापक हर विद्यार्थी को सामाजिक दूरी नियमों का पालन करते हुए अलग-अलग बेंच पर बैठा रहे हैं। नौ बजकर तीस मिनट हो गए हैं और अध्यापक बच्चों को कोरोना से जुड़ी गाइडलाइन का पालन करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
11 बज रहे हैं। सभी बच्चों को स्कूल परिसर में वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा रही है। आधे से ज्यादा बच्चे बुधवार को टीकाकरण करवा चुके हैं। 12.30 पर नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए लंच ब्रेक किया गया। जिसमें सभी विद्यार्थियों के पहले हाथ धुलवाए गए और बाद में कक्षा में एक अध्यापक की उपस्थिति में विद्यार्थियों ने लंच किया। वहीं, 12.40 पर 10वीं के विद्यार्थियों को लंच ब्रेक किया गया। अगली कक्षाओं को भी दस-दस मिनट बाद लंच ब्रेक दिया गया। छुट्टी के समय भी अलग-अलग कक्षाओं के छात्रों को दस-दस मिनट के अंतराल में भेजा गया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर की प्रधानाचार्य नीना ठाकुर ने कहा कि लगभग 99 फीसदी छात्रों को वैक्सीन की दूसरी डोज लग चुकी है। स्कूल में नौवीं से 12वीं तक कुल 354 विद्यार्थी है। जिसमें कुल 182 विद्यार्थी ही स्कूल आए हैं। 172 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक दिलबर जीत चंद्र ने कहा कि जिलाभर के स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक 18 हजार 461 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से वीरवार को 9395 बच्चे उपस्थित हुए। प्रार्थना सभा, मिड डे मील, भीड़, खेलकूद गतिविधियों पर रोक रही। नौवीं कक्षा में 4223 में से 2517, 10वीं के 3288 में से 2068, 11वीं के 5932 में से 2356 और 12वीं के 4821 से 2464 ही बच्चे स्कूल पहुंचे। कुल विद्यार्थियों के करीब 51 फीसदी ही स्कूल पहुंचे। बारिश के चलते कम ही बच्चे स्कूल पहुंचे।
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क्या कहते हैं विद्यार्थी
कोरोना के चलते पढ़ाई हुई प्रभावित : जयप्रकाश
जमा दो के जयप्रकाश ने कहा कि स्कूल खुलने से अब काफी लाभ होगा। कोरोना के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित होती रही है। ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जाती हैं, लेकिन नेटवर्क समस्याओं के कारण काफी दिक्कत होती रही। अब स्कूल खुल गए हैं और पढ़ाई अच्छे से होती रहेगी। अब स्कूलों को बंद नहीं करना चाहिए बल्कि पूरे इंतजामों के साथ स्कूल खुले रखने चाहिए।
स्कूल खुलने के बाद मिली काफी राहत : आकाश
जमा दो के आकाश ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद काफी राहत मिली है। लगातार मोबाइल से पढ़ाई करने के कारण आंखों पर भी असर हो रहा है। अध्यापकों से ऑफलाइन पढ़ना ही सबसे अधिक लाभदायक होता है। ऑनलाइन कक्षाओं में कई तथ्य स्पष्ट भी नहीं हो पाते, लेकिन ऑफलाइन कक्षाओं में ऐसी कोई परेशानी नहीं होती। वहां अध्यापकों के साथ सीधा संवाद हो जाता है।
अध्यापकों ने की मदद पर घर में नहीं बन पाता पढ़ाई का माहौल : संजीव
जमा दो कक्षा के संजीव ने कहा कि स्कूल खुलने से अब पढ़ाई अच्छे से हो पाएगी। कोरोना के कारण पढ़ाई पर काफी प्रभाव पड़ा। लंबे समय तक घरों में रहने के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। अध्यापकों ने समय-समय पर सहायता की, लेकिन जो पढ़ाई ऑफलाइन होती है वह ऑनलाइन नहीं हो पाती।
बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत की जरूरत : अमित कुमार
जमा दो कक्षा के अमित कुमार ने कहा कि स्कूल खुल गए हैं। वैक्सीन भी लग चुकी है। बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए अब ऑफलाइन कक्षाएं लगाकर खूब मेहनत की जाएगी। समय कम बचा है।
ऑफलाइन पढ़ाई अधिक प्रभावी : राजीव
जमा दो कक्षा के राजीव कुमार ने कहा कि स्कूल बंद रहने से पढ़ाई काफी प्रभावित होती है। बोर्ड की परीक्षा आने वाली है और ऑफलाइन पढ़ाई से परीक्षा में लाभ होगा। हालांकि, ऑनलाइन पढ़ाई भी निरंतर होती रही, लेकिन जो असर अध्यापकों के साथ सीधे संवाद के दौरान पढ़ाई के लिए है, वह ऑनलाइन में नहीं है।
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11 बज रहे हैं। सभी बच्चों को स्कूल परिसर में वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा रही है। आधे से ज्यादा बच्चे बुधवार को टीकाकरण करवा चुके हैं। 12.30 पर नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए लंच ब्रेक किया गया। जिसमें सभी विद्यार्थियों के पहले हाथ धुलवाए गए और बाद में कक्षा में एक अध्यापक की उपस्थिति में विद्यार्थियों ने लंच किया। वहीं, 12.40 पर 10वीं के विद्यार्थियों को लंच ब्रेक किया गया। अगली कक्षाओं को भी दस-दस मिनट बाद लंच ब्रेक दिया गया। छुट्टी के समय भी अलग-अलग कक्षाओं के छात्रों को दस-दस मिनट के अंतराल में भेजा गया।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर की प्रधानाचार्य नीना ठाकुर ने कहा कि लगभग 99 फीसदी छात्रों को वैक्सीन की दूसरी डोज लग चुकी है। स्कूल में नौवीं से 12वीं तक कुल 354 विद्यार्थी है। जिसमें कुल 182 विद्यार्थी ही स्कूल आए हैं। 172 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक दिलबर जीत चंद्र ने कहा कि जिलाभर के स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक 18 हजार 461 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से वीरवार को 9395 बच्चे उपस्थित हुए। प्रार्थना सभा, मिड डे मील, भीड़, खेलकूद गतिविधियों पर रोक रही। नौवीं कक्षा में 4223 में से 2517, 10वीं के 3288 में से 2068, 11वीं के 5932 में से 2356 और 12वीं के 4821 से 2464 ही बच्चे स्कूल पहुंचे। कुल विद्यार्थियों के करीब 51 फीसदी ही स्कूल पहुंचे। बारिश के चलते कम ही बच्चे स्कूल पहुंचे।
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क्या कहते हैं विद्यार्थी
कोरोना के चलते पढ़ाई हुई प्रभावित : जयप्रकाश
जमा दो के जयप्रकाश ने कहा कि स्कूल खुलने से अब काफी लाभ होगा। कोरोना के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित होती रही है। ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जाती हैं, लेकिन नेटवर्क समस्याओं के कारण काफी दिक्कत होती रही। अब स्कूल खुल गए हैं और पढ़ाई अच्छे से होती रहेगी। अब स्कूलों को बंद नहीं करना चाहिए बल्कि पूरे इंतजामों के साथ स्कूल खुले रखने चाहिए।
स्कूल खुलने के बाद मिली काफी राहत : आकाश
जमा दो के आकाश ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद काफी राहत मिली है। लगातार मोबाइल से पढ़ाई करने के कारण आंखों पर भी असर हो रहा है। अध्यापकों से ऑफलाइन पढ़ना ही सबसे अधिक लाभदायक होता है। ऑनलाइन कक्षाओं में कई तथ्य स्पष्ट भी नहीं हो पाते, लेकिन ऑफलाइन कक्षाओं में ऐसी कोई परेशानी नहीं होती। वहां अध्यापकों के साथ सीधा संवाद हो जाता है।
अध्यापकों ने की मदद पर घर में नहीं बन पाता पढ़ाई का माहौल : संजीव
जमा दो कक्षा के संजीव ने कहा कि स्कूल खुलने से अब पढ़ाई अच्छे से हो पाएगी। कोरोना के कारण पढ़ाई पर काफी प्रभाव पड़ा। लंबे समय तक घरों में रहने के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। अध्यापकों ने समय-समय पर सहायता की, लेकिन जो पढ़ाई ऑफलाइन होती है वह ऑनलाइन नहीं हो पाती।
बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत की जरूरत : अमित कुमार
जमा दो कक्षा के अमित कुमार ने कहा कि स्कूल खुल गए हैं। वैक्सीन भी लग चुकी है। बोर्ड की कक्षाओं में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए अब ऑफलाइन कक्षाएं लगाकर खूब मेहनत की जाएगी। समय कम बचा है।
ऑफलाइन पढ़ाई अधिक प्रभावी : राजीव
जमा दो कक्षा के राजीव कुमार ने कहा कि स्कूल बंद रहने से पढ़ाई काफी प्रभावित होती है। बोर्ड की परीक्षा आने वाली है और ऑफलाइन पढ़ाई से परीक्षा में लाभ होगा। हालांकि, ऑनलाइन पढ़ाई भी निरंतर होती रही, लेकिन जो असर अध्यापकों के साथ सीधे संवाद के दौरान पढ़ाई के लिए है, वह ऑनलाइन में नहीं है।