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Hamirpur (Himachal) News: नववर्ष पर सवा लाख श्रद्धालुओं ने नवाया बालयोगी के दरबार में शीश
Fri, 02 Jan 2026 01:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 02 Jan 2026 01:06 AM IST
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बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शनों के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। संवाद
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। नववर्ष पर बालयोगी के दरबार में ट्रस्ट की उम्मीद से अधिक दो दिन में सवा लाख श्रद्धालुओं ने बालयोगी के दरबार में शीश नवाकर पवित्र गुफा के दर्शन किए। कड़ाके की ठंड और बारिश भी बाबा के भक्तों के कदमों को नहीं रोक पाई।
श्रद्धालुओं को दो से तीन घंटे तक लाइनों में खड़े होकर दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ा। नववर्ष की पूर्व संध्या से श्रद्धालुओं की खासी भीड़ मंदिर में उमड़ी थी। बाबा के जयकारों से धौलगिरी पर्वत गूंज उठा।
बाबा बालक नाथ की नगरी दियोटसिद्ध में भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों व सुरक्षा कर्मियों को भी खूब पसीना बहाना पड़ा। माथा टेकने के लिए श्रद्धालु एक्जिट गेट से अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, जिसके कारण गेट पर भारी भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक सेक्टर मैजिस्ट्रेट, एक सेक्टर ऑफिसर व चार सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं, मगर भीड़ को संभालना काफी मुश्किल हुआ।
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वीरवार दोपहर तीन बजे सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ धाम में बारिश व ठंड के बावजूद लंबे समय तक श्रद्धालु लाइनों में खड़े रहे। नए साल का आगाज करते हुए श्रद्धालु बाबा बालक नाथ कि पवित्र गुफा में माथा टेकने पहुंचे। बाबा बालक नाथ के द्वार पर नववर्ष के स्वागत के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।
31 दिसंबर को सारी रात मंदिर खुला रखा गया था। इस दौरान श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। सारी रात मंदिर बाबा के जयकारों से गूंजता रहा। दोपहर एक बजे बारिश शुरू होने पर भी श्रद्धालु लंबी कतारों में लग रहे और भीगते हुए मंदिर पहुंचे। पहली जनवरी को शाम 5 बजे तक लगभग सवा लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे।
बीते दो दिन में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सुरक्षा कर्मचारी एवं पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। शाहतलाई से दियोटसिद्ध बैरियर नंबर एक तक जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया गया। न्यास प्रशासन द्वारा भी लंगर हॉल में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए लंगर की उचित व्यवस्था की गई।
कोट :
रात को भी मंदिर के कपाट खुले रखे गए। नववर्ष पर करीब 75 हजार श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी, लेकिन दो दिन में सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका है। कुछ श्रद्धालु एक्जिट गेट से अंदर आने की कोशिश कर रहे थे, जिसके कारण भीड़ एकत्रित हो गई थी। मंदिर न्यास अध्यक्ष एसडीएम स्वाति डोगरा ने भी स्थिति को संभालने के लिए मोर्चा संभाले रखा है। -संदीप चंदेल, मंदिर न्यास अधिकारी
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श्रद्धालुओं को दो से तीन घंटे तक लाइनों में खड़े होकर दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ा। नववर्ष की पूर्व संध्या से श्रद्धालुओं की खासी भीड़ मंदिर में उमड़ी थी। बाबा के जयकारों से धौलगिरी पर्वत गूंज उठा।
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बाबा बालक नाथ की नगरी दियोटसिद्ध में भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों व सुरक्षा कर्मियों को भी खूब पसीना बहाना पड़ा। माथा टेकने के लिए श्रद्धालु एक्जिट गेट से अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, जिसके कारण गेट पर भारी भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक सेक्टर मैजिस्ट्रेट, एक सेक्टर ऑफिसर व चार सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं, मगर भीड़ को संभालना काफी मुश्किल हुआ।
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वीरवार दोपहर तीन बजे सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ धाम में बारिश व ठंड के बावजूद लंबे समय तक श्रद्धालु लाइनों में खड़े रहे। नए साल का आगाज करते हुए श्रद्धालु बाबा बालक नाथ कि पवित्र गुफा में माथा टेकने पहुंचे। बाबा बालक नाथ के द्वार पर नववर्ष के स्वागत के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।
31 दिसंबर को सारी रात मंदिर खुला रखा गया था। इस दौरान श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। सारी रात मंदिर बाबा के जयकारों से गूंजता रहा। दोपहर एक बजे बारिश शुरू होने पर भी श्रद्धालु लंबी कतारों में लग रहे और भीगते हुए मंदिर पहुंचे। पहली जनवरी को शाम 5 बजे तक लगभग सवा लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे।
बीते दो दिन में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सुरक्षा कर्मचारी एवं पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। शाहतलाई से दियोटसिद्ध बैरियर नंबर एक तक जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया गया। न्यास प्रशासन द्वारा भी लंगर हॉल में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए लंगर की उचित व्यवस्था की गई।
कोट :
रात को भी मंदिर के कपाट खुले रखे गए। नववर्ष पर करीब 75 हजार श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी, लेकिन दो दिन में सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका है। कुछ श्रद्धालु एक्जिट गेट से अंदर आने की कोशिश कर रहे थे, जिसके कारण भीड़ एकत्रित हो गई थी। मंदिर न्यास अध्यक्ष एसडीएम स्वाति डोगरा ने भी स्थिति को संभालने के लिए मोर्चा संभाले रखा है। -संदीप चंदेल, मंदिर न्यास अधिकारी