{"_id":"6849cfb59c9208c00c071ec5","slug":"nmc-warned-the-government-cm-should-respond-lakhanpal-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-158197-2025-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएमसी ने सरकार को दी चेतावनी, जवाब दें सीएम : लखनपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएमसी ने सरकार को दी चेतावनी, जवाब दें सीएम : लखनपाल
Thu, 12 Jun 2025 12:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 12 Jun 2025 12:19 AM IST
विज्ञापन
सलौणी (हमीरपुर)। भाजपा विधायक बड़सर इंद्रदत्त लखनपाल बयान जारी कर कहा कि प्रदेश के तीन प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पाई गई गंभीर अनियमितताओं पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की ओर चेतावनी जारी की गई है। इसके बावजूद राज्य सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। सीएम इसका जवाब दें।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की दिशाहीनता और लापरवाही का परिणाम है, जिससे प्रदेश के हजारों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर, नाहन और चंबा के मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर की खामियां, परीक्षा रिकॉर्डिंग की विफलता और आवश्यक दस्तावेजों के अभाव जैसी गंभीर कमियां सामने आई हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
यह विषय केवल तीन संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली की साख का सवाल है। मुख्यमंत्री को इस विषय में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मांग उठाई है कि तीनों मेडिकल कॉलेजों की आंतरिक ऑडिट तत्काल हो, दोषी अधिकारियों व कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी तय हो, चिकित्सा शिक्षा विभाग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए, छात्रों की पढ़ाई और भविष्य पर संकट न आए, यह सुनिश्चित किया जाए और मुख्यमंत्री स्वयं मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भाजपा जनकल्याण और युवा हितों की रक्षक है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी यूं ही बनी रही, तो पार्टी स्तर पर भी इस विषय को गंभीरता से उठाया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह सरकार की दिशाहीनता और लापरवाही का परिणाम है, जिससे प्रदेश के हजारों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर, नाहन और चंबा के मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर की खामियां, परीक्षा रिकॉर्डिंग की विफलता और आवश्यक दस्तावेजों के अभाव जैसी गंभीर कमियां सामने आई हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
विज्ञापन
यह विषय केवल तीन संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली की साख का सवाल है। मुख्यमंत्री को इस विषय में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मांग उठाई है कि तीनों मेडिकल कॉलेजों की आंतरिक ऑडिट तत्काल हो, दोषी अधिकारियों व कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी तय हो, चिकित्सा शिक्षा विभाग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए, छात्रों की पढ़ाई और भविष्य पर संकट न आए, यह सुनिश्चित किया जाए और मुख्यमंत्री स्वयं मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भाजपा जनकल्याण और युवा हितों की रक्षक है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी यूं ही बनी रही, तो पार्टी स्तर पर भी इस विषय को गंभीरता से उठाया जाएगा।