{"_id":"6148c9348ebc3e6990788a3c","slug":"national-worm-free-campaign-started-albendazole-will-be-fed-hamirpur-hp-news-sml3844720117","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय कृमि मुक्त अभियान शुरू, खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय कृमि मुक्त अभियान शुरू, खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल
विज्ञापन
हमीरपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने बताया की जिला में राष्ट्रीय कृमि मुक्त अभियान की शुरुआत सोमवार से हो गई है। यह अभियान 25 सितंबर तक चलेगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले में एक से 19 वर्ष के बच्चों को आशा और आंगनबाड़ी के माध्यम से घर-घर जाकर पेट के कीड़ों की दवाई एल्बेंडाजोल और एक से पांच वर्ष के बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रवासी और झुग्गियों के बच्चो के ऊपर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला शिक्षा और संप्रेषण अधिकारी सुरेश शर्मा ने बताया कि बच्चों की आम समस्याओं जैसे कुपोषण, खून की कमी, मानसिक विकास आदि के लिए कृमि जिम्मेवार होते हैं।
साथ ही विटामिन ए की खुराक बच्चों के आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी है। सभी अभिभावक अपने बच्चों को कृमि मुक्त दवाई और विटामिन ए की खुराक देना जरूर सुनिश्चित करें। इसी अवधि के दौरान राष्ट्रीय सेवा सप्ताह के चलते सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों के स्तर पर किशोर स्वास्थ्य दिवस आयोजित किये जाएंगे।
विज्ञापन
इन दिवस के ऊपर सभी किशोर-किशोरियों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी और उन्हें पोषण, शारीरिक स्वच्छता, एनीमिया, माहवारी स्वच्छता, प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
इस कार्यक्रम के दौरान प्रवासी और झुग्गियों के बच्चो के ऊपर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला शिक्षा और संप्रेषण अधिकारी सुरेश शर्मा ने बताया कि बच्चों की आम समस्याओं जैसे कुपोषण, खून की कमी, मानसिक विकास आदि के लिए कृमि जिम्मेवार होते हैं।
विज्ञापन
साथ ही विटामिन ए की खुराक बच्चों के आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी है। सभी अभिभावक अपने बच्चों को कृमि मुक्त दवाई और विटामिन ए की खुराक देना जरूर सुनिश्चित करें। इसी अवधि के दौरान राष्ट्रीय सेवा सप्ताह के चलते सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों के स्तर पर किशोर स्वास्थ्य दिवस आयोजित किये जाएंगे।
विज्ञापन
इन दिवस के ऊपर सभी किशोर-किशोरियों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी और उन्हें पोषण, शारीरिक स्वच्छता, एनीमिया, माहवारी स्वच्छता, प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाएगी।