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Hamirpur (Himachal) News: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने बदल दिया मझेड़ के नौनिहाल का जीवन
Sat, 14 Jun 2025 12:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 14 Jun 2025 12:35 AM IST
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हमीरपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने मझेड़ के नौनिहाल का जीवन बदल दिया है। करीब 5.20 लाख रुपये के मुफ्त श्रवण यंत्र प्रत्यारोपण से यह बच्चा सुन सकेगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला हमीरपुर में जन्म से लेकर 18 साल तक के बच्चों की जांच और इलाज मुफ्त में किया जाता है।
इसके तहत नवजात शिशुओं की जांच आयु (0-6 हफ्ते), छह हफ्ते से लेकर छह साल तक के बच्चों की जांच आंगनबाड़ियों में होती है। इस जांच में एक बच्चा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने ब्लॉक बड़सर के आंगनबाड़ी मझेड़ से जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र हमीरपुर भेजा।
वहां पर इस बच्चे का जन्मजात बधिरता (कान से सुनाई न देना) का निदान किया गया। सभी आवश्यक जांचों के बाद, मामला आईजीएमसी शिमला को भेजा गया, जहां कॉक्लियर इंप्लांट (श्रवण यंत्र प्रत्यारोपण) की सिफारिश की गई।
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सीएमओ प्रवीण चौधरी ने बताया कि आरबीएसके के तहत 5.20 लाख का वित्तीय पैकेज इस प्रक्रिया के लिए स्वीकृत किया गया। सभी चिकित्सीय मूल्यांकनों और मेडिकल क्लीयरेंस पूर्ण होने के बाद, कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी 12 जून को हुई। इस बच्चे का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। अब यह बच्चा अच्छे से सुन पाएगा।
इसकी फ्री सर्जरी हुई है। आरबीएसके के तहत कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सिर्फ दो साल तक के बच्चों की होती है। वहीं, 30 बीमारियों का फ्री इलाज 18 साल तक के बच्चों का होता है। संवाद
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इसके तहत नवजात शिशुओं की जांच आयु (0-6 हफ्ते), छह हफ्ते से लेकर छह साल तक के बच्चों की जांच आंगनबाड़ियों में होती है। इस जांच में एक बच्चा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने ब्लॉक बड़सर के आंगनबाड़ी मझेड़ से जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र हमीरपुर भेजा।
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वहां पर इस बच्चे का जन्मजात बधिरता (कान से सुनाई न देना) का निदान किया गया। सभी आवश्यक जांचों के बाद, मामला आईजीएमसी शिमला को भेजा गया, जहां कॉक्लियर इंप्लांट (श्रवण यंत्र प्रत्यारोपण) की सिफारिश की गई।
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सीएमओ प्रवीण चौधरी ने बताया कि आरबीएसके के तहत 5.20 लाख का वित्तीय पैकेज इस प्रक्रिया के लिए स्वीकृत किया गया। सभी चिकित्सीय मूल्यांकनों और मेडिकल क्लीयरेंस पूर्ण होने के बाद, कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी 12 जून को हुई। इस बच्चे का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। अब यह बच्चा अच्छे से सुन पाएगा।
इसकी फ्री सर्जरी हुई है। आरबीएसके के तहत कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सिर्फ दो साल तक के बच्चों की होती है। वहीं, 30 बीमारियों का फ्री इलाज 18 साल तक के बच्चों का होता है। संवाद