हमीरपुर। जिलाभर में वीरवार को आपदा प्रबंधन पर मेगा मॉक ड्रिल से प्राकृतिक आपदाओं से बचने के तरीके बताए गए। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत और बचाव योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय के उद्देश्य से मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने जिला आपदा नियंत्रण केंद्र से इस पूरे पूर्वाभ्यास का संचालन किया। उपमंडल स्तर पर भी इसी तरह के पूर्वाभ्यास आयोजित किए गए। राज्य स्तर से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में वीरवार सुबह 8:30 बजे के लगभग कृत्रिम भूकंप आने की सूचना प्राप्त होते ही आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग सक्रिय हो गए। उपायुक्त हरिकेश मीणा, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन, अतिरिक्त उपायुक्त रत्न गौतम सहित सभी प्रशासनिक और विभागीय स्तर के नोडल अधिकारी अपने-अपने दायित्व में जुट गए।
जिला मुख्यालय में बस अड्डे के आसपास आग लगने, भवन गिरने, मट्टनसिद्ध में 220/132 केवी बिजली उपकेंद्र के ध्वस्त होने, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शॉर्ट सर्किट से आग लगने, सुजानपुर में सैनिक स्कूल भवन के आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त होने और नादौन में ब्यास नदी पर बने पुल ढहने के कृत्रिम घटनाक्रम इस दौरान तैयार किए गए। इन्हीं घटनाओं पर आईआरएस (इंसिडेंस रिस्पांस सिस्टम) के अंतर्गत राहत और बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया गया। उपायुक्त ने कहा कि इस पूर्वाभ्यास का मुख्य उद्देश्य भूकंप जैसी आपदा के समय बेहतर प्रबंधन और आपसी समन्वय से अधिक से अधिक मानव जीवन की रक्षा और राहत व बचाव कार्यों के त्वरित निष्पादन का आकलन कर इन्हें और बेहतर करना है। वहीं, पूर्वाभ्यास संपन्न होने के बाद उपायुक्त कार्यालय में आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों के साथ अभियान पर चर्चा की गई और राहत व बचाव योजना को और बेहतर बनाने पर सभी के सुझाव लिए गए। बाद में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पूर्वाभ्यास के सभी पहलुओं और प्राप्त फीडबैक पर चर्चा की गई। इसके साथ नादौन, सुजानपुर मैदान और मिनी सचिवालय भोरंज में एसडीएम डॉ. अमित कुमार की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।