{"_id":"587fae3d4f1c1bf069efe3fe","slug":"locals-oppose-work-allocation-on-contract","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकल ग्रामीणों के बजाय ठेके पर काम देने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकल ग्रामीणों के बजाय ठेके पर काम देने का विरोध
ब्यूरो, अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Wed, 18 Jan 2017 11:36 PM IST
विज्ञापन
सीटू।
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकल ग्रामीणों के बजाय ठेके पर पंचायतों के विकास कार्य करवाने का सीटू ने कड़ा विरोध किया है। बुधवार को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह, जोगिंद्र कुमार, मंजना कुमारी, सिमरो देवी, किरण बाला और अनिल मनकोटिया समेत एक दर्जन लोगों ने उपायुक्त हमीरपुर मदन चौहान और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के परियोजना अधिकारी और उप निदेशक संजीत ठाकुर को एक शिकायत पत्र सौंप कर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
विज्ञापन
डॉ. कश्मीर सिंह ने कहा कि भोरंज ब्लॉक की पंचायतों अग्घार, नंधन, खरबाड़ और नादौन ब्लॉक की कंडरोला पंचायत में स्थानीय ग्रामीणों के बजाय ठेके पर पंचायत के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पंचायतों में रास्तों का निर्माण, पानी के टैंकों का निर्माण समेत अन्य कार्य ठेकेदारों से करवाए जा रहे हैं। साथ ही पंचायतों में मनरेगा कार्यों समेत अन्य कार्यों के लिए जेसीबी समेत बड़ी मशीनरी और बाहरी राज्यों के मजदूरों को काम दिया जा रहा है जो तर्कसंगत नहीं है।
विज्ञापन
डॉ. कश्मीर सिंह ने बताया कि इन पंचायतों में हो रहे इन विकास कार्यों की फोटो समेत वीडियोग्राफी की गई। सीटू नेताओं ने जिला प्रशासन से इस मामले की जांच करवाकर ग्रामीणों को रोजगार देने की मांग की है।
मौके पर भेजे अधिकारी : चौहान
उपायुक्त हमीरपुर मदन चौहान ने डीआरडीए और बीडीओ को इस मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने भोरंज ब्लॉक का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।