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Hamirpur (Himachal) News: कर्मचारियों को लीव इन कैशमेंट का नहीं हुआ भुगतान
Fri, 05 Sep 2025 01:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 05 Sep 2025 01:02 AM IST
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बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम इकाई की बैठक में मौजूद पदाधिकारी व सदस्य। स्रोत : संघ
नादौन (हमीरपुर)। बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम इकाई नादौन की बैठक नादौन में हुई। बैठक की अध्यक्षता इकाई के अध्यक्ष राज कुमारी चौधरी ने की।
बैठक में विशेष रूप से बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बताया कि 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को लीव-इन-कैशमेंट व ग्रेज्युटी जैसे वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने 315 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित करने के लिए अपनी पीठ थपथपाई है।
उन्होंने बताया कि अगर बिजली बोर्ड मुनाफा अर्जित कर रहा है, तो पेंशनरों की देनदारियां क्यों लंबित हैं। आज कर्मचारियों व अधिकारियों की चार्जशीट करके दशहत का माहौल पैदा किया जा रहा है। 12 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ संयुक्त एक्शन कमेटी के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने पेंशनरों के वित्तिय लाभों की अदायगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद बोर्ड प्रबंधन तानाशाही पूर्ण रवैया अपना रहा है।
मुख्यमंत्री ने चार्जशीट किए गए कर्मचारियों की चार्जशीट वापस लेने के निर्देश दिए थे। प्रबंधन ने मात्र दो कर्मचारियों की चार्जशीट वापस ली है। तीसरे कर्मचारी की चार्जशीट को वापस नहीं लिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू से हस्तक्षेप कर अतिशीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। बैठक में इकाई सचिव विधि चंद सनौरिया, पृथ्वी चंद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भगत राम, सुरेश कुमार शर्मा सहित कई पेंशनर मौजूद रहे।
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बैठक में विशेष रूप से बिजली बोर्ड पेंशनर्स फोरम के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बताया कि 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को लीव-इन-कैशमेंट व ग्रेज्युटी जैसे वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने 315 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित करने के लिए अपनी पीठ थपथपाई है।
उन्होंने बताया कि अगर बिजली बोर्ड मुनाफा अर्जित कर रहा है, तो पेंशनरों की देनदारियां क्यों लंबित हैं। आज कर्मचारियों व अधिकारियों की चार्जशीट करके दशहत का माहौल पैदा किया जा रहा है। 12 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ संयुक्त एक्शन कमेटी के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने पेंशनरों के वित्तिय लाभों की अदायगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद बोर्ड प्रबंधन तानाशाही पूर्ण रवैया अपना रहा है।
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मुख्यमंत्री ने चार्जशीट किए गए कर्मचारियों की चार्जशीट वापस लेने के निर्देश दिए थे। प्रबंधन ने मात्र दो कर्मचारियों की चार्जशीट वापस ली है। तीसरे कर्मचारी की चार्जशीट को वापस नहीं लिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू से हस्तक्षेप कर अतिशीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। बैठक में इकाई सचिव विधि चंद सनौरिया, पृथ्वी चंद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भगत राम, सुरेश कुमार शर्मा सहित कई पेंशनर मौजूद रहे।
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