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कमाई करोड़ाें में, सुविधाएं सिफर
अमर उजाला हमीरपुर
Updated Sun, 05 Jun 2016 10:00 PM IST
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उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मंदिर बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में कमाई तो करोड़ों में है पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। पांच साल में मंदिर में 97 करोड़ का चढ़ावा चढ़ा, लेकिन सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के लिए यह सिद्धपीठ महज राजस्व अर्जित करने का साधन बन चुका है। मंदिर के चढ़ावे को सुविधाओं के लिए कम, जबकि अन्य जगह ज्यादा खर्च किया जा रहा है। उपायुक्त हमीरपुर ने मंदिर के चढ़ावे से 51-51 लाख के चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए भेंट कर दिए, लेकिन चार साल पहले मंदिर ट्रस्ट के लिए दी गई स्वीकृति के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं खरीदी जा सकी। मंदिर ट्रस्ट की इस लापरवाही का खामियाजा दुकानदारों को भुगतना पड़ा है।
दियोटसिद्ध मंदिर परिसर से सटे बाजार में अग्निकांड से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। हर साल चैत्र महीने के मेले के दौरान प्रदेश और बाहरी राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में शीश नवाने आते हैं। इस दौरान मंदिर को चढ़ावे की रूप में खासी आय भी प्राप्त होती है, लेेकिन यहां सुविधाएं न के बराबर हैं। हैरानी की बात है कि जिला मुख्यालय हमीरपुर में 30 मई से 1 जून तक तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। कार्यशाला में जिले के संवेदनशील इलाकों और आपदा से निपटने पर टिप्स भी दिए गए, लेकिन कार्यशाला के समापन अवसर पर ही जब बुधवार सुबह दियोटसिद्ध मंदिर बाजार में आग लगी तो सारी तैयारियां फेल हो गईं। एक दर्जन दुकानदारों का सारा सामान जल गया। पूर्व विधायक बलदेव शर्मा ने मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की मांग की है।
किस वर्ष कितना चढ़ावा चढ़ा
वर्ष राशि
2011 14.60 करोड़
2012 18.92 करोड़
2013 19.32 करोड़
2014 21.19 करोड़
2015 22.76 करोड़
कोट
-बतौर एसडीएम और मंदिर ट्रस्ट चेयरमैन तीन साल हो गए हैं। मेरे ध्यान में मंदिर ट्रस्ट की बैठक में फायर ब्रिगेड की गाड़ी खरीदने को मंजूरी मिलने का कोई भी मामला नहीं है। अगर तीन साल पहले की बात की जा रही है तो रिकार्ड देखकर कुछ कहा जा सकता है। अगर ट्रस्ट की बैठक में मंजूरी मिली थी तो क्या सरकार के पास भी प्रस्ताव गया था या नहीं यह भी देखना पड़ेगा। भविष्य के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
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-अक्षय सूद, चेयरमैन, बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट दियोटसिद्ध एवं एसडीएम बड़सर।
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दियोटसिद्ध मंदिर परिसर से सटे बाजार में अग्निकांड से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। हर साल चैत्र महीने के मेले के दौरान प्रदेश और बाहरी राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में शीश नवाने आते हैं। इस दौरान मंदिर को चढ़ावे की रूप में खासी आय भी प्राप्त होती है, लेेकिन यहां सुविधाएं न के बराबर हैं। हैरानी की बात है कि जिला मुख्यालय हमीरपुर में 30 मई से 1 जून तक तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। कार्यशाला में जिले के संवेदनशील इलाकों और आपदा से निपटने पर टिप्स भी दिए गए, लेकिन कार्यशाला के समापन अवसर पर ही जब बुधवार सुबह दियोटसिद्ध मंदिर बाजार में आग लगी तो सारी तैयारियां फेल हो गईं। एक दर्जन दुकानदारों का सारा सामान जल गया। पूर्व विधायक बलदेव शर्मा ने मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की मांग की है।
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किस वर्ष कितना चढ़ावा चढ़ा
वर्ष राशि
2011 14.60 करोड़
2012 18.92 करोड़
2013 19.32 करोड़
2014 21.19 करोड़
2015 22.76 करोड़
कोट
-बतौर एसडीएम और मंदिर ट्रस्ट चेयरमैन तीन साल हो गए हैं। मेरे ध्यान में मंदिर ट्रस्ट की बैठक में फायर ब्रिगेड की गाड़ी खरीदने को मंजूरी मिलने का कोई भी मामला नहीं है। अगर तीन साल पहले की बात की जा रही है तो रिकार्ड देखकर कुछ कहा जा सकता है। अगर ट्रस्ट की बैठक में मंजूरी मिली थी तो क्या सरकार के पास भी प्रस्ताव गया था या नहीं यह भी देखना पड़ेगा। भविष्य के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
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-अक्षय सूद, चेयरमैन, बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट दियोटसिद्ध एवं एसडीएम बड़सर।