{"_id":"6637828feeb88495d4041349","slug":"jaladis-shreya-stood-second-in-the-state-in-mbbm-fourth-year-examination-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-126975-2024-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: जलाड़ी की श्रेया एमबीबीएम चतुर्थ वर्ष परीक्षा में प्रदेशभर में दूसरे स्थान पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: जलाड़ी की श्रेया एमबीबीएम चतुर्थ वर्ष परीक्षा में प्रदेशभर में दूसरे स्थान पर
विज्ञापन
वर्तमान में टांडा में कर रही हैं एमबीबीएस, बिना कोचिंग के पास की थी नीट की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला हमीरपुर के जलाड़ी गांव की श्रेया कटोच ने एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष की परीक्षा में प्रदेश भर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। श्रेया कटोच ने एमबीबीएस प्रोफेशनल परीक्षा के अंतिम वर्ष में राज्यभर के छह मेडिकल कॉलेजों में उम्दा प्रदर्शन किया है। टांडा मेडिकल कॉलेज में प्रथम स्थान पर रही हैं। श्रेया की आयु महज 22 वर्ष है। 17 वर्ष की आयु में उन्होंने बिना किसी बाहरी कोचिंग के अपने पहले प्रयास में ही नीट परीक्षा पास कर ली और डॉ. आरपीजीएमसी टांडा में दाखिला ले लिया। श्रेया विभिन्न मेडिकल एसोसिएशन में भी सक्रिय भागीदार रही हैं।
वह एशियाई मेडिकल छात्र संघ में राष्ट्रीय अधिकारी के प्रतिष्ठित पद पर हैं और ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल स्टूडेंट्स में राज्य स्तर पर महासचिव के रूप में कार्य करती हैं। वह राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। श्रेया अपने माता-पिता से प्रेरणा लेती हैं। उनकी मां जलाड़ी में निजी स्कूल में प्रधानाचार्य हैं जबकि उनके पिता पॉलिटेक्निक कॉलेज हमीरपुर में मेकेनिकल इंजीनियरिंग में विभागाध्यक्ष के पद पर हैं। श्रेया की छोटी बहन जो वर्तमान में कक्षा जमा दो में हैं, भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए डॉक्टर बनने की आकांक्षा रखती है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला हमीरपुर के जलाड़ी गांव की श्रेया कटोच ने एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष की परीक्षा में प्रदेश भर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। श्रेया कटोच ने एमबीबीएस प्रोफेशनल परीक्षा के अंतिम वर्ष में राज्यभर के छह मेडिकल कॉलेजों में उम्दा प्रदर्शन किया है। टांडा मेडिकल कॉलेज में प्रथम स्थान पर रही हैं। श्रेया की आयु महज 22 वर्ष है। 17 वर्ष की आयु में उन्होंने बिना किसी बाहरी कोचिंग के अपने पहले प्रयास में ही नीट परीक्षा पास कर ली और डॉ. आरपीजीएमसी टांडा में दाखिला ले लिया। श्रेया विभिन्न मेडिकल एसोसिएशन में भी सक्रिय भागीदार रही हैं।
वह एशियाई मेडिकल छात्र संघ में राष्ट्रीय अधिकारी के प्रतिष्ठित पद पर हैं और ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल स्टूडेंट्स में राज्य स्तर पर महासचिव के रूप में कार्य करती हैं। वह राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। श्रेया अपने माता-पिता से प्रेरणा लेती हैं। उनकी मां जलाड़ी में निजी स्कूल में प्रधानाचार्य हैं जबकि उनके पिता पॉलिटेक्निक कॉलेज हमीरपुर में मेकेनिकल इंजीनियरिंग में विभागाध्यक्ष के पद पर हैं। श्रेया की छोटी बहन जो वर्तमान में कक्षा जमा दो में हैं, भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए डॉक्टर बनने की आकांक्षा रखती है।
विज्ञापन