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गायनी ओपीडी में भीड़, आवाजाही में मरीजों व तीमारदारों को परेशानी
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की गायनी ओपीडी में भीड़ के चलते मरीजों और तीमारदारों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। गायनी ओपीडी धरातल तल पर स्थित है। ओपीडी के सामने से इसी तल पर स्थित पर्ची व फार्मेसी काउंटर सहित प्रथम तल के लिए भी रास्ता जाता है। पर्ची बनाने के बाद जिस किसी ने आंख, ईएनटी ओपीडी या आपातकालीन कक्ष में जाना हो तो उसे गायनी ओपीडी के बाहर मौजूद भीड़ से दो-चार होना पड़ता है। इस ओपीडी के बाहर महिलाएं इस कदर खड़ी होती हैं कि लोगों को आवाजाही के लिए धक्कामुक्की भी करनी पड़ती है।
बीते वर्ष ही इस ओपीडी को यहां शिफ्ट किया गया है, लेकिन इसमें मरीजों की अधिकता के चलते दिक्कतें पेश आ रही हैं। ओपीडी के बाहर टोकन डिस्प्ले मशीनें होने के बावजूद महिलाएं बेतरतीब खड़ी रहती हैं। गायनी ओपीडी में रोजाना 250 से 300 महिलाएं जांच व उपचार को आती हैं और ओपीडी के बाहर इतनी महिलाओं के बैठने की व्यवस्था नहीं है। निशुल्क दवाई काउंटर भी साथ ही होने के चलते वहां की भीड़ से भी लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। लोगों में वीना देवी, संगीता, रुचि चंदेल, कमलेश कुमार आदि का कहना है कि ओपीडी के बाहर से गुजरना मुश्किल हो जाता है। व्हील चेयर या स्ट्रेचर पर मरीज को ले जाना हो तो महिलाओं की भीड़ के बीच में से रोगी को निकालना नामुमकिन हो जाता है। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से ओपीडी को अन्य कमरे में शिफ्ट करने की मांग की है। जहां पर गुजरने का रास्ता न हो और बैठने की भी उचित व्यवस्था हो। एमएस डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि समस्या ध्यान में है। गायनी ओपीडी सहित अधिक भीड़ वाली ओपीडी में लोगों को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा कर्मी रास्ते में भीड़ जमा नहीं होने देते हैं।
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बीते वर्ष ही इस ओपीडी को यहां शिफ्ट किया गया है, लेकिन इसमें मरीजों की अधिकता के चलते दिक्कतें पेश आ रही हैं। ओपीडी के बाहर टोकन डिस्प्ले मशीनें होने के बावजूद महिलाएं बेतरतीब खड़ी रहती हैं। गायनी ओपीडी में रोजाना 250 से 300 महिलाएं जांच व उपचार को आती हैं और ओपीडी के बाहर इतनी महिलाओं के बैठने की व्यवस्था नहीं है। निशुल्क दवाई काउंटर भी साथ ही होने के चलते वहां की भीड़ से भी लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। लोगों में वीना देवी, संगीता, रुचि चंदेल, कमलेश कुमार आदि का कहना है कि ओपीडी के बाहर से गुजरना मुश्किल हो जाता है। व्हील चेयर या स्ट्रेचर पर मरीज को ले जाना हो तो महिलाओं की भीड़ के बीच में से रोगी को निकालना नामुमकिन हो जाता है। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से ओपीडी को अन्य कमरे में शिफ्ट करने की मांग की है। जहां पर गुजरने का रास्ता न हो और बैठने की भी उचित व्यवस्था हो। एमएस डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि समस्या ध्यान में है। गायनी ओपीडी सहित अधिक भीड़ वाली ओपीडी में लोगों को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा कर्मी रास्ते में भीड़ जमा नहीं होने देते हैं।
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