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Hamirpur (Himachal) News: हर अस्पताल की ओपीडी के साथ बनेगा हीट स्ट्रोक प्रबंधन कॉर्नर
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी बैठक को संबोधित करते हुए। संवाद
हमीरपुर। प्रदेशभर में हीट स्ट्रोक से प्रभावित जो मरीज अस्पताल में आएंगे उनकी रिपोर्ट और रिकॉर्ड तुरंत अधिकारियों को मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रेषित करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, हीट स्ट्रोक को रोकने के लिए ओपीडी के नजदीक एक बीट कार्नर स्थापित किया जाएगा। इसमें हीट स्ट्रोक की रोकथाम के लिए सभी बुनियादी दवाएं, प्रतिरक्षा सुविधाएं जैसे ठंडा पीने का पानी, ओआरएस, एसी और आईईसी सामग्री के साथ कूलर उपलब्ध होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम के निदेशक ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। पीड़ित रोगियों के उपचार के लिए स्टाफ नर्स और चिकित्सा अधिकारी के साथ-साथ रोगी को परामर्श देने के लिए स्वास्थ्य शिक्षक और पर्यवेक्षक जैसे स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने सभी स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को हीट वेव से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध करवाने व बचाव के प्रावधान करने के आदेश पारित कर दिए हैं। हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है जिसका अगर तुरंत समाधान न किया जाए तो यह जीवन के लिए खतरा हो सकता है।
हीट स्ट्रोक तब ज्यादा होता है जब लंबे समय तक उच्च तापमान के संपर्क में रहते हैं और समय पर पानी न पीकर व शरीर को ठंडा करने के उपाय न कर लगातार कार्य करते रहते हैं। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए बीट कॉर्नर की स्थापना के लिए ओपीडी के पास क्षेत्रों की पहचान करने व रोकथाम के लिए सभी बुनियादी दवाएं, प्रतिरक्षा सुविधाएं जैसे ठंडा पीने का पानी, ओआरएस, एसी और आईईसी सामग्री के साथ कूलर उपलब्ध करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग और रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने और उच्च अधिकारियों को आगे की रिपोर्ट प्रेषित करने के लिए कहा गया है। वहीं, संबंधित ब्लॉक में हीट स्ट्रोक की रोकथाम और प्रबंधन के लिए बड़े पैमाने पर आईईसी गतिविधि सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि हीट स्ट्रोक से प्रभावित जो भी मरीज अस्पताल में आएंगे उनकी रिपोर्ट व रिकॉर्ड तुरंत अधिकारियों को मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रेषित करने के आदेश दिए गए हैं।
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हीट स्ट्रोक तब ज्यादा होता है जब लंबे समय तक उच्च तापमान के संपर्क में रहते हैं और समय पर पानी न पीकर व शरीर को ठंडा करने के उपाय न कर लगातार कार्य करते रहते हैं। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए बीट कॉर्नर की स्थापना के लिए ओपीडी के पास क्षेत्रों की पहचान करने व रोकथाम के लिए सभी बुनियादी दवाएं, प्रतिरक्षा सुविधाएं जैसे ठंडा पीने का पानी, ओआरएस, एसी और आईईसी सामग्री के साथ कूलर उपलब्ध करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग और रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने और उच्च अधिकारियों को आगे की रिपोर्ट प्रेषित करने के लिए कहा गया है। वहीं, संबंधित ब्लॉक में हीट स्ट्रोक की रोकथाम और प्रबंधन के लिए बड़े पैमाने पर आईईसी गतिविधि सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि हीट स्ट्रोक से प्रभावित जो भी मरीज अस्पताल में आएंगे उनकी रिपोर्ट व रिकॉर्ड तुरंत अधिकारियों को मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रेषित करने के आदेश दिए गए हैं।
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