{"_id":"6aeffbe386ab994d760a7a66","slug":"hamirpur-himachal-mother-dies-hours-after-son-death-in-samoh-village-barsar-2026-11-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: बेटे की मौत का सदमा सह नहीं पाई मां, कुछ घंटों बाद तोड़ा दम; दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: बेटे की मौत का सदमा सह नहीं पाई मां, कुछ घंटों बाद तोड़ा दम; दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं
Sun, 08 Nov 2026 10:04 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, बड़सर (हमीरपुर)।
संवाद न्यूज एजेंसी, बड़सर (हमीरपुर)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 08 Nov 2026 10:04 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बड़सर में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। 63 वर्षीय बेटे बलदेव सिंह की मौत के कुछ घंटों बाद उनकी 85 वर्षीय मां ज्ञानो देवी ने भी दम तोड़ दिया। बेटे का शव घर पहुंचने के बाद मां की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
बलदेव सिंह और ज्ञानो देवी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
जिस घर में दिवाली की खुशियां मनाने की तैयारियां चल रही थीं, वहां एक ही दिन में दो मौतों से मातम पसर गया। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बड़सर क्षेत्र के समोह गांव में बेटे की मौत के कुछ ही घंटों बाद मां ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। 63 वर्षीय बेटे बलदेव सिंह की मौत की खबर और उनका शव देखकर 85 वर्षीय मां ज्ञानो देवी की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार टिक्कर राजपूता पंचायत के समोह गांव में शनिवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे बलदेव सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिजन आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए बड़सर अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बलदेव सिंह जल शक्ति विभाग से सेवानिवृत्त थे। उनकी अचानक मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जब उनका शव घर पहुंचा तो 85 वर्षीय मां ज्ञानो देवी बेटे को इस हालत में देखकर बेसुध हो गईं।
विज्ञापन
Trending Videos
बेटे के अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच बिगड़ी मां की तबीयत
परिवार के सदस्य बलदेव सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए। जब उनका शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशानघाट ले जाया गया, उसी दौरान घर में एक और दुखद घटना हो गई। पीछे से ज्ञानो देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें भी सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिजन तुरंत उन्हें बड़सर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने दोपहर करीब 12 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बड़ा बेटा बहरीन में करता है नौकरी
बलदेव सिंह के दो बेटे हैं। उनका छोटा बेटा घर पर ही रहता है, जबकि बड़ा बेटा बहरीन में नौकरी करता है। पिता की मौत की सूचना मिलने के बाद बड़ा बेटा घर लौट रहा है। बलदेव सिंह के बड़े भाई जगरूप सेना से सेवानिवृत्त हैं। वार्ड पंच सुदेश ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
परिवार के सदस्य बलदेव सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए। जब उनका शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशानघाट ले जाया गया, उसी दौरान घर में एक और दुखद घटना हो गई। पीछे से ज्ञानो देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें भी सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिजन तुरंत उन्हें बड़सर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने दोपहर करीब 12 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बड़ा बेटा बहरीन में करता है नौकरी
बलदेव सिंह के दो बेटे हैं। उनका छोटा बेटा घर पर ही रहता है, जबकि बड़ा बेटा बहरीन में नौकरी करता है। पिता की मौत की सूचना मिलने के बाद बड़ा बेटा घर लौट रहा है। बलदेव सिंह के बड़े भाई जगरूप सेना से सेवानिवृत्त हैं। वार्ड पंच सुदेश ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।