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राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर आज हमीरपुर में
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हमीरपुर। स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव संपूर्ण राष्ट्र में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी और भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान से दो दिवसीय राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन 4 और 5 दिसंबर को हमीरपुर में किया जा रहा है। जानकारी देते हुए शोध संस्थान के निदेशक डॉ. चेतराम गर्ग ने बताया कि राष्ट्रीय परिसंवाद का विषय भारतीय स्वाधीनता आंदोलन, वृत्तांत, स्मृतियां एवं नेपथ्य नायक है। इस राष्ट्रीय परिसंवाद समारोह में उद्घाटन सत्र के मुख्यातिथि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर होेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध पुरातत्वविद प्रो. बसंत शिंदे, पूर्व कुलपति दक्कन विश्वविद्यालय पुणे महाराष्ट्र करेंगे।
देशभर से आए विद्वानों के साथ तीन दिन तक वे शोध संस्थान में रहेंगे। परिसंवाद का बीज व्यक्तव्य प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री सलाहकार संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं पूर्व कुलपति केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश का रहेगा। एक सप्ताह तक इनका मार्गदर्शन संस्थान की विविध गतिविधियों में भविष्य की कार्य की रूपरेखा की दृष्टि से रहने वाला है। समापन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल मुख्यातिथि होेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. कुमार रत्नम सदस्य सचिव भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नई दिल्ली करेंगे। इतिहास शोध संस्थान नेरी द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकें पावन पत्राचार संपादक डॉ. चेतराम गर्ग, इतिहास लेखन में लोक गाथाओं का योगदान संपादक आचार्य ओमप्रकाश शर्मा, डॉ. शिव भारद्वाज द्वारा संपादित स्वराज संघर्ष में हिमाचल के नेपथ्य नायक का विमोचन करेंगे। इतिहास शोध संस्थान के महासचिव भूमि दत्त शर्मा ने बताया कि इस राष्ट्रीय परिसंवाद में हिमाचल प्रदेश का स्वाधीनता संग्राम में वैचारिक एवं भौतिक योगदान पर विचार करने के लिए अभिप्रेरित है तथा इसके प्रसार एवं अनुसंधान के नए रास्ते खोलने को लेकर भी प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रीय परिसंवाद के सह संयोजक डॉ. राकेश शर्मा ने बताया कि भारतीय स्वाधीनता आंदोलन, वृत्तांत, स्मृतियां एवं नेपथ्य नायक विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हैदराबाद, जम्मू, सिक्किम व दक्षिण भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों व शोध केंद्रों के लगभग 150 से अधिक शोधार्थी, विद्यार्थी व विद्वान शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
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देशभर से आए विद्वानों के साथ तीन दिन तक वे शोध संस्थान में रहेंगे। परिसंवाद का बीज व्यक्तव्य प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री सलाहकार संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं पूर्व कुलपति केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश का रहेगा। एक सप्ताह तक इनका मार्गदर्शन संस्थान की विविध गतिविधियों में भविष्य की कार्य की रूपरेखा की दृष्टि से रहने वाला है। समापन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल मुख्यातिथि होेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. कुमार रत्नम सदस्य सचिव भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नई दिल्ली करेंगे। इतिहास शोध संस्थान नेरी द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकें पावन पत्राचार संपादक डॉ. चेतराम गर्ग, इतिहास लेखन में लोक गाथाओं का योगदान संपादक आचार्य ओमप्रकाश शर्मा, डॉ. शिव भारद्वाज द्वारा संपादित स्वराज संघर्ष में हिमाचल के नेपथ्य नायक का विमोचन करेंगे। इतिहास शोध संस्थान के महासचिव भूमि दत्त शर्मा ने बताया कि इस राष्ट्रीय परिसंवाद में हिमाचल प्रदेश का स्वाधीनता संग्राम में वैचारिक एवं भौतिक योगदान पर विचार करने के लिए अभिप्रेरित है तथा इसके प्रसार एवं अनुसंधान के नए रास्ते खोलने को लेकर भी प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रीय परिसंवाद के सह संयोजक डॉ. राकेश शर्मा ने बताया कि भारतीय स्वाधीनता आंदोलन, वृत्तांत, स्मृतियां एवं नेपथ्य नायक विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हैदराबाद, जम्मू, सिक्किम व दक्षिण भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों व शोध केंद्रों के लगभग 150 से अधिक शोधार्थी, विद्यार्थी व विद्वान शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
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