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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Got the budget but the mid-day meal workers were not paid

बजट मिला पर मिड-डे मील वर्करों को नहीं हुआ भुगतान

Thu, 05 May 2022 11:48 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 11:48 PM IST
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हमीरपुर। जिलाभर के स्कूलों में कार्यरत मिड-डे मील वर्करों के लिए मानदेय प्रारंभिक शिक्षा विभाग के पास पहुंच गया है, लेकिन इसका आवंटन नहीं हो पाया है। पिछले चार माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। इससे विभिन्न स्कूलों में सेवाएं दे रहे करीब 1122 मिड-डे मील वर्करों की आर्थिक हालत खराब हो चुकी है। इस योजना पर केंद्र और प्रदेश सरकार 90:10 फीसदी के अनुपात में बजट खर्च करती हैं। वहीं, मानदेय लटकने के पीछे स्कूलों के प्रभारी पीछे से बजट न आने का तर्क दे रहे हैं।
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पूर्व में मिड-डे मील वर्करों को प्रतिमाह 2500 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे अप्रैल 2022 से 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा प्रदेश सरकार ने की है, लेकिन अभी तक किसी भी वर्कर को मानदेय नहीं मिला। एक तरफ महंगाई की मार से मिड-डे मील वर्करों को पुराने तय दामों में भोजन बनाना मुसीबत बना हुआ है। दूसरी तरफ मिड-डे मील का राशन और गैस खरीदने के लिए आने वाली डाइट मनी की राशि भी तीन माह से जारी नहीं हुई है।
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हालात ये हैं कि फरवरी से अप्रैल तक का मिड-डे मील का यह बजट स्कूलों को नहीं दिया गया है और दुकानों से उधार उठा रहे शिक्षकों को अब दुकानदार भी उधार नहीं दे रहे और एलपीजी सप्लाई में उधार की कोई गुंजाइश नहीं है। नतीजा ये है कि मिड-डे मील के बिलों का भुगतान अधिकांश क्षेत्रों में शिक्षक अपनी जेब से कर रहे हैं और बजट कब मिलेगा, इसका कोई अनुमान नहीं है। राशन और गैस के बिल के भुगतान की प्रक्रिया अधर में लटकी है।
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राजकीय टीजीटी कला संघ ने मिड-डे मील के लिए शीघ्र बजट जारी करने की मांग प्रारंभिक शिक्षा विभाग से उठाई है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि जेब से भुगतान करने वाले शिक्षकों को यह राशि वापस प्राप्त करने में खासी दिक्कत आती है। उधार का मिड-डे मील पकाना अब जटिल हो चुका है।

महंगाई के चलते वस्तुओं के दाम बहुत बढ़ चुके हैं। अक्तूबर 2021 में स्कूलों से मिड-डे मील की सारी राशि प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने वापस लेकर खाते शून्य कर दिए थे और अब इन खातों में पेमेंट नहीं आने से योजना ही संकट में है।
उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक संजय ठाकुर ने कहा कि बजट आ चुका है। शीघ्र ही सभी स्कूलों का धनराशि जारी कर दी जाएगी।
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