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छोटी आयु में बच्चों को फोन देने से प्रभावित होगा मानसिक विकास : पंडित
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बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार देने के लिए अभिभावकों से किया आह्वांन
आंगनबाड़ी केंद्र जाहू कलां में बच्चों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांचा स्वास्थ्य
संवा न्यूज एजेंसी
जाहू(हमीरपुर)। आंगनबाड़ी केंद्र जाहू कलां में स्वास्थ्य विभाग की टीम में वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के डॉ. चंद्रकांत पंडित ने कहा कि बदलते समय में बच्चों को मोबाइल फोन देखने की ज्यादा आदत बन रही है। इसके लिए बच्चों के अभिभावक दोषी है। अकसर घरों में देखने को मिल रहा है कि छोटे बच्चे जब रोते हैं या फिर किसी चीज की जिद करते हैं तो अकसर मां-बाप पीछा छुडाने के लिए बच्चों को मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट थमा देते हैं। यह ट्रेंड आजकल काफी आम हो गया है। इससे बच्चा शांत हो जाता है लेकिन इससे उसे अधिक समय स्क्रीन के सामने बिताने की लत लग जाती है। कम उम्र में बच्चों को फोन थमाने से मानसिक विकास प्रभावित होता है। डॉ. पंडित ने कहा कि बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दें। उन्हें संतुलित और पौष्टिक आहार नियमित रूप से देकर स्वस्थ बनाएं तथा बीमार होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाएं। इस दौरान बच्चों का वजन और लंबाई का भी माप लिया गया तथा कुछ बच्चों को कैल्शियम की कमी बताई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम में फार्मासिस्ट स्वाति शर्मा, आशा वर्कर सुनीता बेगम, रूमा देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सावित्री रांगड़ा, सहायिका माया देवी, शशि कुमारी, बिमला देवी, प्रीतो देवी, कशिश व अन्य उपस्थित रहे।
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आंगनबाड़ी केंद्र जाहू कलां में बच्चों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांचा स्वास्थ्य
संवा न्यूज एजेंसी
जाहू(हमीरपुर)। आंगनबाड़ी केंद्र जाहू कलां में स्वास्थ्य विभाग की टीम में वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के डॉ. चंद्रकांत पंडित ने कहा कि बदलते समय में बच्चों को मोबाइल फोन देखने की ज्यादा आदत बन रही है। इसके लिए बच्चों के अभिभावक दोषी है। अकसर घरों में देखने को मिल रहा है कि छोटे बच्चे जब रोते हैं या फिर किसी चीज की जिद करते हैं तो अकसर मां-बाप पीछा छुडाने के लिए बच्चों को मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट थमा देते हैं। यह ट्रेंड आजकल काफी आम हो गया है। इससे बच्चा शांत हो जाता है लेकिन इससे उसे अधिक समय स्क्रीन के सामने बिताने की लत लग जाती है। कम उम्र में बच्चों को फोन थमाने से मानसिक विकास प्रभावित होता है। डॉ. पंडित ने कहा कि बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दें। उन्हें संतुलित और पौष्टिक आहार नियमित रूप से देकर स्वस्थ बनाएं तथा बीमार होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाएं। इस दौरान बच्चों का वजन और लंबाई का भी माप लिया गया तथा कुछ बच्चों को कैल्शियम की कमी बताई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम में फार्मासिस्ट स्वाति शर्मा, आशा वर्कर सुनीता बेगम, रूमा देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सावित्री रांगड़ा, सहायिका माया देवी, शशि कुमारी, बिमला देवी, प्रीतो देवी, कशिश व अन्य उपस्थित रहे।