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Hamirpur (Himachal) News: उप राष्ट्रपति धनखड़ की बेबाकी के कायल हुए भावी इंजीनियर
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एनआईटी हमीरपुर विकसित भारत 2047 कार्यक्रम के दौरान मंच से उतरकर विद्यार्थियों को दिल्ली आने का
हमीरपुर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की बेबाकी और सेंस ऑफ ह्यूमर के भावी इंजीनियर कायल नजर आए। मौका था एनआईटी हमीरपुर के सभागार में शनिवार को आयोजित विकसित भारत 2047 कार्यक्रम का। मंच पर पहुंचते ही मजाकिया लहजे में उपराष्ट्रपति ने सभागार में मौजूद हर किसी को हंसने पर मजबूर कर दिया। वह इस दौरान शेयर कहने से भी नहीं चूके। उनके भाषण से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का जोशीला भाषण भी युवाओं के लिए आकर्कण का केंद्र रहा। उपराष्ट्रपति ने हल्के फुल्के अंदाज में शुरू किए संबोधन से हर गंभीर विषय को छुआ। उनके इस अंदाज का नतीजा था कि आधे घंटे से अधिक के भाषण के बावजूद हर मिनट में कई बार तालियां गूंज रही थी।
कार्यक्रम तय समय से देरी से शुरू हुआ और उपराष्ट्रपति के लौटने का समय चार बजे निश्चित था। वह अभिभाषण के दौरान कई बार अपने स्टाफ से समय पूछते नजर आए लेकिन मंच से उतरकर सभागार में कर किसी के पास जाकर दिल्ली आने का निमंत्रण देना नहीं भूले।
देश सेवा का जज्बा जागृत हुआ
एमटेक के छात्र अभिषेक कपूर ने कहा कि पहली बार उन्होंने इस तरह का भाषण सुना। वह बोर नहीं हुए। उप राष्ट्रपति के भाषण से देश सेवा का जज्बा जागृत हुआ है और जिंदगी में कुछ करने की प्रेरणा मिली है। ऐसे सेंस ऑफ ह्यूमर का भाषण पहली बार सुना।
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डयूल डिग्री के छात्र कनक का कहना है कि उपराष्ट्रपति का युवाओं से कनेक्ट करना उन्हें सबसे अच्छा लगा। उन्हें वर्तमान विषयों की अभूतपूर्व जानकारी है जो वक्ता के लिए संपति हैं। केंद्रीय मंत्री का जोशीला भाषण भी प्रेरित देने वाला था।
बीटेक की छात्रा यशिता का कहना है कि उप राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल होना ही बड़ी बात है। चेहरे पर मुस्कान के साथ उन्होंने मजाकिया लहजे से भाषण शुरू करते हर गंभीर विषय पर चर्चा की। इस तरह के भाषण बेहद कम सुनने को मिलते हैं। उनके बोलने की कला बेहद पंसद आई।
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कार्यक्रम तय समय से देरी से शुरू हुआ और उपराष्ट्रपति के लौटने का समय चार बजे निश्चित था। वह अभिभाषण के दौरान कई बार अपने स्टाफ से समय पूछते नजर आए लेकिन मंच से उतरकर सभागार में कर किसी के पास जाकर दिल्ली आने का निमंत्रण देना नहीं भूले।
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देश सेवा का जज्बा जागृत हुआ
एमटेक के छात्र अभिषेक कपूर ने कहा कि पहली बार उन्होंने इस तरह का भाषण सुना। वह बोर नहीं हुए। उप राष्ट्रपति के भाषण से देश सेवा का जज्बा जागृत हुआ है और जिंदगी में कुछ करने की प्रेरणा मिली है। ऐसे सेंस ऑफ ह्यूमर का भाषण पहली बार सुना।
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डयूल डिग्री के छात्र कनक का कहना है कि उपराष्ट्रपति का युवाओं से कनेक्ट करना उन्हें सबसे अच्छा लगा। उन्हें वर्तमान विषयों की अभूतपूर्व जानकारी है जो वक्ता के लिए संपति हैं। केंद्रीय मंत्री का जोशीला भाषण भी प्रेरित देने वाला था।
बीटेक की छात्रा यशिता का कहना है कि उप राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल होना ही बड़ी बात है। चेहरे पर मुस्कान के साथ उन्होंने मजाकिया लहजे से भाषण शुरू करते हर गंभीर विषय पर चर्चा की। इस तरह के भाषण बेहद कम सुनने को मिलते हैं। उनके बोलने की कला बेहद पंसद आई।