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नेरी गांव के दर्जनों परिवार आ सकते हैं बाढ़ की चपेट में
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भोरंज (हमीरपुर)। सीर खड्ड के तटीकरण में हो रही देरी के कारण नेरी गांव के दर्जनों परिवार बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। बरसात के मौसम में लोग डर के साये में रातें गुजारने को मजबूर हैं। प्रशासन ने अगर शीघ्र ही कोई उचित प्रबंध नहीं किया तो आने वाले दिनों में बाढ़ से कोई भी घटना घटित हो सकती है। स्थानीय लोग अभी तक 2007 में खड्ड में आई बाढ़ को नहीं भूले हैं। 2007 में नेरी गांव से होता हुआ बाढ़ का पानी साथ लगते चंदरूही कस्बे में फैल गया था। इससे दुकानदारों का लाखों का सामान खराब हो गया था। वहीं, पानी में पेट्रोल पंप की सुरक्षा दीवार बह गई थी।
अब हालात फिर वैसे ही हैं। नेरी में खड्ड किनारे लगाई गई क्रेट बाल धंस गई है। कभी भी खड्ड का पानी खेतों सहित गांव में घुस सकता है। लोगों में सीर खड्ड का तटीकरण किए जाने की योजना ने उम्मीद जगाई थी, लेकिन कार्य सात साल बाद भी शुरू नहीं हो सका। इससे लोगों मेें रोष पनप रहा है। स्थानीय लोगों में रोशन लाल, विनोद कुमार, राकेश, दलीप सिंह, रजिंद्र कुमार और विजय आदि ने प्रदेश सरकार से जल्द खड्ड का तटीकरण करने की मांग उठाई है। उधर, ग्राम पंचायत ककड़ की प्रधान आशा देवी ने कहा कि लोगों को बाढ़ का भय सता रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को समस्या से अवगत करवाया जाएगा।
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अब हालात फिर वैसे ही हैं। नेरी में खड्ड किनारे लगाई गई क्रेट बाल धंस गई है। कभी भी खड्ड का पानी खेतों सहित गांव में घुस सकता है। लोगों में सीर खड्ड का तटीकरण किए जाने की योजना ने उम्मीद जगाई थी, लेकिन कार्य सात साल बाद भी शुरू नहीं हो सका। इससे लोगों मेें रोष पनप रहा है। स्थानीय लोगों में रोशन लाल, विनोद कुमार, राकेश, दलीप सिंह, रजिंद्र कुमार और विजय आदि ने प्रदेश सरकार से जल्द खड्ड का तटीकरण करने की मांग उठाई है। उधर, ग्राम पंचायत ककड़ की प्रधान आशा देवी ने कहा कि लोगों को बाढ़ का भय सता रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को समस्या से अवगत करवाया जाएगा।
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