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Hamirpur (Himachal) News: किसानों को सब्सिडी पर मिलेंगे रागी और कोदरा समेत अन्य बीज

Thu, 27 Apr 2023 12:25 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Apr 2023 12:25 AM IST
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Farmers will get ragi and kodra and other seeds on subsidy
हमीरपुर बीज
हमीरपुर। जिले के किसानों को परंपरागत खेतीबाड़ी और पौष्टिक आहार प्रदान करने वाली फसलों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। जिले के किसानों को कृषि विभाग मोटा अनाज के बीज उपलब्ध करवा रहा है। इसमें कोदो, रागी और मंडल विशेष तौर पर शामिल है। हमीरपुर जिले के कृषि विक्रय केंद्र पर रागी और मंडल का बीज 115 रुपये प्रति किलो, जबकि कोदो का बीज 130 रुपये प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध करवाया जा रहा है। किसानों को सब्सिडी पर मोटे अनाज के बीज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक मंच से कई बार देशभर के किसानों को मोटे अनाज की खेतीबाड़ी करने के बारे में प्रोत्साहित कर चुके हैं। वर्ष 2023 को मोटे अनाज का अंतरराष्ट्रीय वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। वहीं प्रदेश सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। बीते माह प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायत सभाओं में भी लोगों को मोटे अनाज के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए बड़े स्तर पर जागरुकता अभियान शुरू किए गए थे। इसके चलते अब प्रदेश कृषि विभाग ने किसानों को मोटे अनाज के बीज उपलब्ध करवाने के मकसद से यह अभियान शुरू किया है।
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बयान-
जिले के किसानों को कृषि विभाग मोटा अनाज के बीज उपलब्ध करवा रहा है। इसमें कोदो, रागी और मंडल विशेष तौर पर शामिल है।
-डॉ. अतुल डोगरा, उपनिदेशक, कृषि विभाग हमीरपुर।
बाक्स:
मोटे अनाज में यह पोषक तत्व भरपूर-
मोटे अनाज का आशय मिलेट्स से होता है। भारत में करीब एक दर्जन मिलेट्स जैसे कोदों, सांवां, ज्वार, बाजरा, जई, रागी, काकून आदि शामिल हैं। इनमें से ज्वार, बाजरा और रागी तीन महत्वपूर्ण हैं। रागी को भारतीय मूल का माना जाता है और यह उच्च पोषण वाला मोटा अनाज होता है, इसमें 344 मिग्रा/100ग्राम कैल्शियम होता है। वर्तमान में महीन आटे जैसे मैदा की हमारे खाद्यों में भरमार है। इनके अधिक उपयोग से हृदय रोग और मधुमेह को आमंत्रण मिलता है। हम दुनिया की मधुमेह राजधानी बन चुके हैं। मोटे अनाज इस लड़ाई में हमारी मदद कर सकते हैं। अगर नियमित रूप से ज्वार, बाजरा, रागी, कंगनी आदि का उपयोग किया जाए, तो हृदय एवं पैनक्रियाज की सेहत को संभाला जा सकता है। शरीर को नुकसान पहुंचाने वाली कई वस्तुओं की निकासी के लिए ये बहुत उपयोगी हैं। ये कई प्रकार के कैंसर से बचाव के लिए उपयोगी सिद्ध हुए हैं।
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