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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Farmers should start preparations now to get a rich harvest from fruit plants.

Hamirpur (Himachal) News: किसान फलदार पौधों से भरपूर फसल लेने के लिए अभी से शुरू करें तैयारी

Tue, 29 Oct 2024 08:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Oct 2024 08:27 PM IST
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सर्दी बढ़ने से पूर्व सफेदी करने पर पौधे के तनों को ठंड में फटने से मिलता है संरक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी

रंगस (हमीरपुर)। अगले वर्ष फलदार पौधों से भरपूर पैदावार लेने के लिए किसानों को अभी से ही तैयारी में जुट जाना होगा। किसानों को अभी सबसे पहले बगीचे में उगी खरपतवार को उखाड़ कर बाहर फेंक देना चाहिए। खरपतवार आने वाली फसलों की पैदावार के लिए बैरियर का काम करता है। इसकी वजह से सूर्य की ऊर्जा मिट्टी की सतह तक नहीं पहुंच पाती जिसकी वजह से बगीचे वाली भूमि को सही अनुपात में तापमान नहीं मिल पाता और जमीन का संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसी स्थिति में मिट्टी यदि स्वस्थ नहीं होगी तो फसल की पैदावार भी कम होगी। वैज्ञानिकों की ओर से किए शोध से यह बात सामने आई है कि जहां पर खरपतवार अधिक होता है वहां तापमान लगभग दो डिग्री तक नीचे रह सकता है। क्योंकि धरती पर सीधे तौर पर सूर्य की ऊर्जा ही नहीं पहुंच पाती और अधिकतर फायदेमंद ऊर्जा खरपतवार की ऊपरली सतह तक ही रह जाती है।



उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी में फल विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शशि शर्मा ने कहा कि अमरूद जैसे सदाबहार पौधों की पहली प्रूनिंग करने के लिए भी समय ठीक है। लेकिन, यदि किसान अमरूद की फसल लेने के प्रयास में है तो फल तोड़ने के बाद ही इस कार्य को करें। वहीं, आड़ू, पलम व अनार आदि में पतझड़ के बाद ही सिधाई और कांट छांट करनी चाहिए। आजकल अमरूद आदि के पौधों की कांट-छांट करके पौधे का आकार नियंत्रित करके अगले वर्ष की फसल की भरपूर पैदावार लेने के लिए प्रूनिंग करना बेहद जरूरी है। दूसरी ओर पौधों के तनों में सफेदी करें ताकि पौधों के तनों को ठंड से फटने में संरक्षण मिल सके। यही नहीं सफेदी सर्दियों में तनों पर सीधी धूप पड़ने पर तने के तापमान को नियंत्रित करती है। वहीं, तनों की छाल में छिपे हुए कीटों व बीमारियों के कारकों को नष्ट करती है। सफेदी का सही अनुपात जिसमें चूना दो किलोग्राम, पानी 10 लीटर, नीला थोथा 200 ग्राम व कार्बलिक एसिड 15 ग्राम की मात्रा में घोलकर बगीचे में फलदार पौधों के तनों को सफेदी करना फायदेमंद रहेगा।
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