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प्राकृतिक खेती अपना किसान अच्छी आय कर सकते हैं अर्जित : नेहा
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ग्राम पंचायत मझियार में प्राकृतिक खेती पर लगाया जागरूकता शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन (हमीरपुर)। कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत मझियार में प्राकृतिक खेती पर जागरूकता एवं सामूहिक संवेदीकरण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर आत्मा परियोजना की सहायक तकनीकी प्रबंधक नेहा भारद्वाज, अन्य अधिकारियों तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों ने प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। नेहा भारद्वाज ने कहा कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक खाद और जहरीले कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता है। प्राकृतिक खेती से तैयार होने वाली फसलें स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होती हैं और इससे खेती की लागत भी कम होती है। इस खेती को अपनाकर किसान अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं। सहायक तकनीकी प्रबंधक ने कहा कि प्राकृतिक खेती के मुख्य घटक जैसे-जीवामृत, बीजामृत, धनजीवामृत और देसी कीटनाशक इत्यादि देसी गाय के गोबर तथा गोमूत्र से घर में ही तैयार किए जा सकते हैं। प्राकृतिक खेती शुरू करने के इच्छुक किसानों को देसी गाय की खरीद के लिए 25 हजार रुपये अनुदान दिया जाता है। शिविर में किसानों को मटर का बीज भी वितरित किया गया। इस अवसर पर खंड कृषक सलाहकार समिति के सदस्य रमेश चंद जरियाल, रमेश पराशर, उपप्रधान राजेश कुमार और अन्य लोग उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन (हमीरपुर)। कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत मझियार में प्राकृतिक खेती पर जागरूकता एवं सामूहिक संवेदीकरण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर आत्मा परियोजना की सहायक तकनीकी प्रबंधक नेहा भारद्वाज, अन्य अधिकारियों तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों ने प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। नेहा भारद्वाज ने कहा कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक खाद और जहरीले कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता है। प्राकृतिक खेती से तैयार होने वाली फसलें स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होती हैं और इससे खेती की लागत भी कम होती है। इस खेती को अपनाकर किसान अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं। सहायक तकनीकी प्रबंधक ने कहा कि प्राकृतिक खेती के मुख्य घटक जैसे-जीवामृत, बीजामृत, धनजीवामृत और देसी कीटनाशक इत्यादि देसी गाय के गोबर तथा गोमूत्र से घर में ही तैयार किए जा सकते हैं। प्राकृतिक खेती शुरू करने के इच्छुक किसानों को देसी गाय की खरीद के लिए 25 हजार रुपये अनुदान दिया जाता है। शिविर में किसानों को मटर का बीज भी वितरित किया गया। इस अवसर पर खंड कृषक सलाहकार समिति के सदस्य रमेश चंद जरियाल, रमेश पराशर, उपप्रधान राजेश कुमार और अन्य लोग उपस्थित रहे।