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Hamirpur (Himachal) News: डाइट मनी और अन्य भत्ते जारी न करने पर जताया रोष
Fri, 03 Jan 2025 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 03 Jan 2025 12:28 AM IST
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हमीरपुर। खेलों इंडिया के खिलाड़ियोें ने प्रदेश सरकार की ओर से डाइट मनी और अन्य भत्ते जारी न करने पर विरोध जताया है। स्पोर्ट्स एवं कल्चरल क्लब संधोल की ओर से वीरवार को हमीरपुर में प्रेसवार्ता कर यह जानकारी दी गई।
प्रेसवार्ता में स्पोर्ट्स एवं कल्चरल क्लब संधोल के महासचिव शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि जहां सरकारें खिलाड़ियों को बडी-बडी सुविधाएं देने के दावे कर रहीं हैं, वहीं खिलाड़ी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया के खिलाड़ी अपने खर्चे पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं और युवा सेवाएं एवं खेल विभाग उन्हें सुविधा के नाम पर महज आश्वासन दे रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने खिलाड़ियों की सुविधा के लिए जो मापदंड तय किए गए है, उन नियमों के अनुसार जो खिलाड़ियों को सुविधा मिलनी थी, वह नहीं दी जा रही है। अधिकतर खिलाड़ी मध्य व गरीब परिवारों से हैं, जो कि इतना खर्च वहन करने की क्षमता नहीं रखते। वर्ष 2023 में युवा सेवाएं एवं खेल विभाग से उन्हें टीए-डीए मिला था, लेकिन इस वर्ष बिना किसी कारण के विभाग के कर्मचारियों ने इसे रोक दिया, जबकि टीम ने इस बार गोल्ड भी जीता है।
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उन्होंने कहा कि वह जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी मंडी से भी इस संदर्भ में मिले हैं और उन्होंने खेल सचिव को भी पत्र लिखा है, लेकिन खिलाड़ियों को टीए-डीए और खेल के लिए सामान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामान दिए बिना ही खेल विभाग साजो-सामान के प्रयोग का प्रमाणपत्र भी मांग रहा है। संवाद
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प्रेसवार्ता में स्पोर्ट्स एवं कल्चरल क्लब संधोल के महासचिव शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि जहां सरकारें खिलाड़ियों को बडी-बडी सुविधाएं देने के दावे कर रहीं हैं, वहीं खिलाड़ी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया के खिलाड़ी अपने खर्चे पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं और युवा सेवाएं एवं खेल विभाग उन्हें सुविधा के नाम पर महज आश्वासन दे रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने खिलाड़ियों की सुविधा के लिए जो मापदंड तय किए गए है, उन नियमों के अनुसार जो खिलाड़ियों को सुविधा मिलनी थी, वह नहीं दी जा रही है। अधिकतर खिलाड़ी मध्य व गरीब परिवारों से हैं, जो कि इतना खर्च वहन करने की क्षमता नहीं रखते। वर्ष 2023 में युवा सेवाएं एवं खेल विभाग से उन्हें टीए-डीए मिला था, लेकिन इस वर्ष बिना किसी कारण के विभाग के कर्मचारियों ने इसे रोक दिया, जबकि टीम ने इस बार गोल्ड भी जीता है।
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उन्होंने कहा कि वह जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी मंडी से भी इस संदर्भ में मिले हैं और उन्होंने खेल सचिव को भी पत्र लिखा है, लेकिन खिलाड़ियों को टीए-डीए और खेल के लिए सामान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामान दिए बिना ही खेल विभाग साजो-सामान के प्रयोग का प्रमाणपत्र भी मांग रहा है। संवाद