{"_id":"5f3abf5e8ebc3e3d0e2ab721","slug":"exam-hamirpur-hp-news-sml3419931196","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षा देने आए छात्रों को नहीं मिलीं बसें, कॉलेज गेट के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षा देने आए छात्रों को नहीं मिलीं बसें, कॉलेज गेट के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
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हमीरपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में सोमवार को यूजी छठे सेमेस्टर की परीक्षा देने आए छात्रों को समय पर बस सुविधा न मिलने से परेशानी झेलनी पड़ी। अधिकतर छात्र निजी वाहनों, वाहन पूल करके या टैक्सियों में कॉलेज पहुंचे। सुबह व दोपहर के समय बसें न होने के कारण छात्रों को रुपये खर्च करके परीक्षा देने आने पड़ा। वहीं एचआरटीसी ने अतिरिक्त बसें नहीं चलाईं हैं। जो सरकारी व प्राइवेट बसें चल भी रही हैं, उनकी समयसारिणी परीक्षा के समय के अनुकूल नहीं है। ऐसे में छात्रों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं कॉलेज के अंदर तो प्रबंधन ने कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए खासे प्रबंध किए, लेकिन कॉलेज गेट के बाहर उमड़ी छात्रों की भीड़ से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। सोमवार को थर्मल स्क्रीनिंग करवाने के लिए गेट के बाहर सैकड़ों छात्रों की भीड़ जमा हुई और छात्र सामाजिक दूरी की परवाह किए बिना कॉलेज गेट के पास खड़े रहे। यही स्थिति बसें लेने के लिए स्टॉप पर खड़े छात्रों की देखी गई। हालांकि कम बसें और अधिक छात्र होने के चलते हमीरपुर तक अधिकतर छात्र पैदल ही पहुंचे। कॉलेज कैंपस में छात्रों को पहले हाथों को सैनिटाइज करना पड़ा। इसके बाद उनकी थर्मल स्क्रीनिंग हुई। परीक्षा हाल समेत साइंस व पीटीए ब्लॉक में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जहां सामाजिक दूरी का ध्यान रख छात्रों को बैठाया गया। परीक्षा कमरों को सुबह व शाम के सत्र में छात्रों के बैठने से पहले सैनिटाइज किया गया। सोमवार को सुबह के सत्र में कुल 600 छात्रों में से 548 ही परीक्षा देने पहुंचे जबकि 52 छात्र अनुपस्थित रहे।
संक्रमण से बचने के लिए कॉलेज में किए पुख्ता प्रबंध : डॉ. अंजू
कॉलेज प्राचार्य डॉ. अंजू बत्ता सहगल ने कहा कि संक्रमण न फैले, इसके लिए कॉलेज में पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बच्चों के हाथ परीक्षा केंद्र में आने से पहले सैनिटाइज करवाए जाए रहे हैं। थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और बिना मास्क के प्रवेश बाधित किया गया है। परीक्षा केंद्रों को उचित तरीके से सैनिटाइज किया जा रहा है। कॉलेज के बाहर बसों के लिए छात्रों की भीड़ उमड़ने की सूचना मिली है। छात्रों को उचित दूरी का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोरोना दौर में न हों परीक्षाएं
कॉलेज में सोमवार को परीक्षा देने पहुंचे छात्रों में से अधिकतर ने कोरोना के खत्म होने तक परीक्षाएं न लेने की मांग की है। कई छात्रों ने साधन विकसित कर परीक्षाएं ऑनलाइन लेने तो कइयों ने प्रमोट करने की भी मांग की है। कई छात्र उचित व्यवस्था के साथ परीक्षा के पक्ष में भी बोले। वहीं छात्र यातायात की सुचारु व्यवस्था न होने के कारण भी परीक्षा के पक्ष में नहीं हैं।
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छात्रों को करना चाहिए प्रमोट: तमन्ना
बीकॉम छठे सेमेस्टर की छात्रा तमन्ना शर्मा ने कहा कि विवि को अभी छात्रों की परीक्षाएं नहीं लेनी चाहिए थी। जिस तरह सुबह ही कॉलेज के बाहर भीड़ उमड़ी, उससे डर लग रहा है। जब तक संक्रमण खत्म नहीं होता, तब तक परीक्षाएं नहीं लेनी चाहिए थी या छात्रों को प्रमोट कर देना चाहिए। सुबह स्क्रीनिंग के समय भारी भीड़ कॉलेज गेट पर थी।
तकनीक विकसित कर ऑनलाइन हों पेपर: कोमल
बीकॉम छठे सेमेस्टर की छात्रा कोमल शर्मा ने कहा कि इस महामारी के चलते परीक्षा केंद्र सुबह ही आने के लिए बसें नहीं मिली। वाहन पूल कर कॉलेज पहुंची। अच्छा होता अगर विवि तकनीक विकसित कर ऑनलाइन ही परीक्षा लेता। क्योंकि जिस तरीके की भीड़ कॉलेज गेट के पास उमड़ रही है उससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
व्यवस्थाएं अच्छी होंगी तो परीक्षा देने में नहीं परेशानी: नवनीत
बीएससी छठे सेमेस्टर के छात्र नवनीत ने कहा कि अगर सिटिंग प्लान व व्यवस्थाएं अच्छी हों तो परीक्षा करवाने में कोई हर्ज नहीं है। बशर्ते छात्रों को भी अपनी व दूसरों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा। जो बच्चे दूरदराज से आते हैं, उन्हें यातायात की मुश्किल हुई है लेकिन वह कॉलेज के पास ही किराये के कमरे में रहते हैं तो परीक्षा दे सकते हैं।
बसें न मिलने के कारण हो रही समस्या : नैंसी
बीएससी छठे सेमेस्टर की छात्रा नैंसी ने कहा कि उनके गांव से सुबह परीक्षा के समय आने को बसें नहीं हैं। निजी वाहन में वह परीक्षा देने पहुंची है। अगर यातायात व्यवस्था और कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रबंध अच्छे हों तो परीक्षा देने में मुश्किल नहीं है। क्योंकि अंतिम परीक्षा है, अगर हो जाएगी तो ग्रेजुएशन भी पूरी हो जाएगी।
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संक्रमण से बचने के लिए कॉलेज में किए पुख्ता प्रबंध : डॉ. अंजू
कॉलेज प्राचार्य डॉ. अंजू बत्ता सहगल ने कहा कि संक्रमण न फैले, इसके लिए कॉलेज में पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बच्चों के हाथ परीक्षा केंद्र में आने से पहले सैनिटाइज करवाए जाए रहे हैं। थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और बिना मास्क के प्रवेश बाधित किया गया है। परीक्षा केंद्रों को उचित तरीके से सैनिटाइज किया जा रहा है। कॉलेज के बाहर बसों के लिए छात्रों की भीड़ उमड़ने की सूचना मिली है। छात्रों को उचित दूरी का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कोरोना दौर में न हों परीक्षाएं
कॉलेज में सोमवार को परीक्षा देने पहुंचे छात्रों में से अधिकतर ने कोरोना के खत्म होने तक परीक्षाएं न लेने की मांग की है। कई छात्रों ने साधन विकसित कर परीक्षाएं ऑनलाइन लेने तो कइयों ने प्रमोट करने की भी मांग की है। कई छात्र उचित व्यवस्था के साथ परीक्षा के पक्ष में भी बोले। वहीं छात्र यातायात की सुचारु व्यवस्था न होने के कारण भी परीक्षा के पक्ष में नहीं हैं।
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छात्रों को करना चाहिए प्रमोट: तमन्ना
बीकॉम छठे सेमेस्टर की छात्रा तमन्ना शर्मा ने कहा कि विवि को अभी छात्रों की परीक्षाएं नहीं लेनी चाहिए थी। जिस तरह सुबह ही कॉलेज के बाहर भीड़ उमड़ी, उससे डर लग रहा है। जब तक संक्रमण खत्म नहीं होता, तब तक परीक्षाएं नहीं लेनी चाहिए थी या छात्रों को प्रमोट कर देना चाहिए। सुबह स्क्रीनिंग के समय भारी भीड़ कॉलेज गेट पर थी।
तकनीक विकसित कर ऑनलाइन हों पेपर: कोमल
बीकॉम छठे सेमेस्टर की छात्रा कोमल शर्मा ने कहा कि इस महामारी के चलते परीक्षा केंद्र सुबह ही आने के लिए बसें नहीं मिली। वाहन पूल कर कॉलेज पहुंची। अच्छा होता अगर विवि तकनीक विकसित कर ऑनलाइन ही परीक्षा लेता। क्योंकि जिस तरीके की भीड़ कॉलेज गेट के पास उमड़ रही है उससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
व्यवस्थाएं अच्छी होंगी तो परीक्षा देने में नहीं परेशानी: नवनीत
बीएससी छठे सेमेस्टर के छात्र नवनीत ने कहा कि अगर सिटिंग प्लान व व्यवस्थाएं अच्छी हों तो परीक्षा करवाने में कोई हर्ज नहीं है। बशर्ते छात्रों को भी अपनी व दूसरों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा। जो बच्चे दूरदराज से आते हैं, उन्हें यातायात की मुश्किल हुई है लेकिन वह कॉलेज के पास ही किराये के कमरे में रहते हैं तो परीक्षा दे सकते हैं।
बसें न मिलने के कारण हो रही समस्या : नैंसी
बीएससी छठे सेमेस्टर की छात्रा नैंसी ने कहा कि उनके गांव से सुबह परीक्षा के समय आने को बसें नहीं हैं। निजी वाहन में वह परीक्षा देने पहुंची है। अगर यातायात व्यवस्था और कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रबंध अच्छे हों तो परीक्षा देने में मुश्किल नहीं है। क्योंकि अंतिम परीक्षा है, अगर हो जाएगी तो ग्रेजुएशन भी पूरी हो जाएगी।