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बिजली बोर्ड के फील्ड स्टाफ और जेई को कोरोना योद्धा घोषित करने की मांग
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हमीरपुर। बिजली बोर्ड की ग्रेजुएट जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजकर बोर्ड के फील्ड कर्मचारियों और जेई को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर इन्हें प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगवाने की मांग की है। एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि बिजली आपूर्ति लोगों के लिए जरूरी सेवा है। इसे सुचारु रखने के लिए बिजली बोर्ड के फील्ड कर्मचारी और जेई दिन-रात एक कर मेहनत कर रहे हैं। खासकर कोविड केयर केंद्रों और गृह संगरोध में रह रहे मरीजों की बिजली आपूर्ति को सुचारु रखने के लिए वह उनके गांव या घर के नजदीक जाकर भी बिजली आपूर्ति सुचारु रखने में सहयोग कर रहे हैं।
एसोसिएशन के महासचिव अनिल चौहान ने कहा कि कोविड केयर केंद्रों और गृह संगरोध में रह रहे लोगों को बिजली की सुचारु आपूर्ति करते समय कर्मचारियों के भी संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। हालांकि, कर्मचारियों ने मास्क, ग्लब्ज और सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया होता है, लेकिन फिर भी संक्रमित होने का डर रहता है।
बिजली कर्मचारी कोरोनाकाल में अपनी सेवाएं निरंतर देते रहे और कहीं भी यदि कोई बिजली समस्या आई तो सबसे पहले जाकर उसे ठीक किया, लेकिन एक साल से इन बिजली कर्मचारियों को दरकिनार किया गया है और न ही इन्हें फ्रंटलाइन वॉरियर बनाया गया और न वैक्सीनेशन की गई। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से 18 से 45 साल तक के इन कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगवाने और पंजाब की तर्ज पर फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित करने की मांग की है।
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एसोसिएशन के महासचिव अनिल चौहान ने कहा कि कोविड केयर केंद्रों और गृह संगरोध में रह रहे लोगों को बिजली की सुचारु आपूर्ति करते समय कर्मचारियों के भी संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। हालांकि, कर्मचारियों ने मास्क, ग्लब्ज और सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया होता है, लेकिन फिर भी संक्रमित होने का डर रहता है।
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बिजली कर्मचारी कोरोनाकाल में अपनी सेवाएं निरंतर देते रहे और कहीं भी यदि कोई बिजली समस्या आई तो सबसे पहले जाकर उसे ठीक किया, लेकिन एक साल से इन बिजली कर्मचारियों को दरकिनार किया गया है और न ही इन्हें फ्रंटलाइन वॉरियर बनाया गया और न वैक्सीनेशन की गई। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से 18 से 45 साल तक के इन कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगवाने और पंजाब की तर्ज पर फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित करने की मांग की है।
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