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Hamirpur (Himachal) News: ठेकेदार ने दबाया पंप ऑपरेटरों का मानदेय
Tue, 02 Jul 2024 06:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 02 Jul 2024 06:27 AM IST
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बिझड़ी (हमीरपुर)। जलशक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं को सुचारू करने में जुटे पंप ऑपरेटरों का पांच महीने से मानदेय ही नहीं मिला है। यह पंप ऑपरेटर ठेकेदार के माध्यम से पेयजल योजनाओं पर तैनात किए गए हैं। मगर महंगाई के दौर में मानदेय न मिलने के कारण पंप ऑपरेटरों को परिवार का भरण पोषण करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने पंप ऑपरेटरों का मानदेय रोका हुआ है।
जिला हमीरपुर के बड़सर उपमंडल में जलशक्ति विभाग ने माकन खड्ड और धंगोटा योजनाओं पर ठेकेदार के माध्यम से पंप ऑपरेटर तैनात किए हुए हैं। इन पंप ऑपरेटरों का वेतन विभाग ठेकेदार को करता है और ठेकेदार आगे पंप ऑपरेटरों का पगार देता है। मगर पिछले पांच महीने से दोनों ही योजनाओं पर तैनात 10 पंप ऑपरेटरों को मानदेय नहीं मिल सका है।
बार-बार मांग करने के बाद भी ठेकेदार पंप ऑपरेटरों को मानदेय नहीं दे रहा है। कई बार पंप ऑपरेटर मामले को जलशक्ति विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका है। इस पंप ऑपरेटरों को मासिक पांच से छह हजार रुपये दिए जाते हैं।
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ठेकेदार का तर्क है कि विभाग द्वारा उनकी पेमेंट नहीं की जा रही है। ऐसे में वह पंप ऑपरेटर का मानदेय देने में असमर्थ हैं। पंप ऑपरेटरों का कहना है कि उन्हें पांच से छह हजार नाम मात्र मानदेय दिया जाता है। यह भी न मिलने से परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार और विभाग के बीच भुगतान की उलझन से उन्हें पांच महीने से परेशान होना पड़ रहा है।
जलशक्ति विभाग बड़सर के अधिशासी अभियंता डीआर चौहान ने कहा है कि पहले भी इस तरह की शिकायतें आई थी, जिस पर ठेकेदारों को नोटिस दे दिए गए हैं। अधिकतर ठेकेदारों ने पंप ऑपरेटरों के वेतन का पैसा जारी कर दिया है। अगर किसी ठेकेदार द्वारा मानदेय नहीं दी जा रही तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करेगा।
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जिला हमीरपुर के बड़सर उपमंडल में जलशक्ति विभाग ने माकन खड्ड और धंगोटा योजनाओं पर ठेकेदार के माध्यम से पंप ऑपरेटर तैनात किए हुए हैं। इन पंप ऑपरेटरों का वेतन विभाग ठेकेदार को करता है और ठेकेदार आगे पंप ऑपरेटरों का पगार देता है। मगर पिछले पांच महीने से दोनों ही योजनाओं पर तैनात 10 पंप ऑपरेटरों को मानदेय नहीं मिल सका है।
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बार-बार मांग करने के बाद भी ठेकेदार पंप ऑपरेटरों को मानदेय नहीं दे रहा है। कई बार पंप ऑपरेटर मामले को जलशक्ति विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका है। इस पंप ऑपरेटरों को मासिक पांच से छह हजार रुपये दिए जाते हैं।
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ठेकेदार का तर्क है कि विभाग द्वारा उनकी पेमेंट नहीं की जा रही है। ऐसे में वह पंप ऑपरेटर का मानदेय देने में असमर्थ हैं। पंप ऑपरेटरों का कहना है कि उन्हें पांच से छह हजार नाम मात्र मानदेय दिया जाता है। यह भी न मिलने से परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार और विभाग के बीच भुगतान की उलझन से उन्हें पांच महीने से परेशान होना पड़ रहा है।
जलशक्ति विभाग बड़सर के अधिशासी अभियंता डीआर चौहान ने कहा है कि पहले भी इस तरह की शिकायतें आई थी, जिस पर ठेकेदारों को नोटिस दे दिए गए हैं। अधिकतर ठेकेदारों ने पंप ऑपरेटरों के वेतन का पैसा जारी कर दिया है। अगर किसी ठेकेदार द्वारा मानदेय नहीं दी जा रही तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करेगा।