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मिड-डे मील वर्कर वेतन मामले में सीएम कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट
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हमीरपुर। नौकरी छोड़ने के बाद भी पांच साल तक मिड-डे मील वर्कर को वेतन देने के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय शिमला ने शिक्षा विभाग से रिपोर्ट तलब की है। इस बारे में शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर को पत्र भेजकर एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जवाब तलब होने के आदेश जारी होने के बाद विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। हमीरपुर के शिक्षा खंड भोरंज के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगवाड़ा में सेवारत मिड-डे मील वर्कर वर्ष 2016-17 में नौकरी छोड़ चुकी हैं, लेकिन संबंधित स्कूल और खंड प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से इस बारे में उचित माध्यम से सूचना निदेशालय को नहीं भेजी गई।
इसके चलते मिड-डे मील वर्कर को नौकरी छोड़ने के पांच साल तक 2500 रुपये के हिसाब से प्रतिमाह वेतन मिलता रहा। अब बीते माह जब विभाग ने प्रधानाचार्य को मैन्युअल माध्यम से राशि जमा करवाने के लिए कहा तो पाया कि संबंधित नाम की महिला स्कूल में सेवारत नहीं है। विभाग ने मिड-डे मील वर्कर पर पिछले पांच सालों में करीब डेढ़ लाख रुपये की राशि लुटा दी, लेकिन अब मामला सामने आने पर रिकवरी के आदेश जारी हुए हैं। इसके बाद शिक्षा उपनिदेशक ने स्कूल प्रिंसिपल और बीईईओ से जवाब मांगा है। वहीं, जांच के दौरान महिला ने कहा कि जो पैसे उसके खाते में आए हैं, वह बेटे ने मोबाइल गेम्स पर उड़ा दिए हैं। अब उसके पास कोई पैसा नहीं है।
उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर संजय ठाकुर ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर को पांच साल तक वेतन देने के मामले में प्रधानाचार्य और बीईईओ से जवाब मांगा गया है। इस मामले में उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने माना कि मुख्यमंत्री कार्यालय से भी इस मामले की रिपोर्ट मांगी गई है, जोकि तैयार की जा रही है।
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इसके चलते मिड-डे मील वर्कर को नौकरी छोड़ने के पांच साल तक 2500 रुपये के हिसाब से प्रतिमाह वेतन मिलता रहा। अब बीते माह जब विभाग ने प्रधानाचार्य को मैन्युअल माध्यम से राशि जमा करवाने के लिए कहा तो पाया कि संबंधित नाम की महिला स्कूल में सेवारत नहीं है। विभाग ने मिड-डे मील वर्कर पर पिछले पांच सालों में करीब डेढ़ लाख रुपये की राशि लुटा दी, लेकिन अब मामला सामने आने पर रिकवरी के आदेश जारी हुए हैं। इसके बाद शिक्षा उपनिदेशक ने स्कूल प्रिंसिपल और बीईईओ से जवाब मांगा है। वहीं, जांच के दौरान महिला ने कहा कि जो पैसे उसके खाते में आए हैं, वह बेटे ने मोबाइल गेम्स पर उड़ा दिए हैं। अब उसके पास कोई पैसा नहीं है।
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उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर संजय ठाकुर ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर को पांच साल तक वेतन देने के मामले में प्रधानाचार्य और बीईईओ से जवाब मांगा गया है। इस मामले में उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने माना कि मुख्यमंत्री कार्यालय से भी इस मामले की रिपोर्ट मांगी गई है, जोकि तैयार की जा रही है।
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